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क्या जानलेवा कैंसर को रोक सकती है ऐसप्रिन?

आमतौर पर दर्द या बुखार में इस्तेमाल होने वाली ऐसप्रिन दवा को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। यह दवा कैंसर को रोकने में मदद कर सकती है। आप भी चौंक गये होंगे कि ये हम क्या बोल रहे हैं। लेकिन यह सच है। दर्द या बुखार में इस्तेमाल होने वाली ऐसप्रिन दवा का इस्तेमाल कैंसर रोकने में भी किया जा सकता है।


ये रिसर्च ताइचुंग वेतरन जनरल हॉस्पिटल के रिसर्चर्स ने की। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिसिस बी के वायरस से लीवर का कैंसर होने का भी खतरा होता है। जिसकी रोकथाम में ऐसप्रिन सहायक हो सकती है। लीवर कैंसर को हम हेपैटोसेल्युलर कार्सिनोमा के नाम से भी जानते हैं।


हेपेटाइटिस बी का वायरस मुख्यतौर पर लीवर को ही इनफैक्ट करता है जिसके कारण लीवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। जिसके लिये बच्चे को छोटी उम्र में ही हेपेटाइटिस बी का टीका दिया जाता है।

दरअसल यह भी पाया गया है कि हृदयाघात के तुरंत बाद थोड़ी मात्रा में ऐसप्रिन देकर हृदयाघात या हृदय के ऊतक की मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही रिसर्चर्स ने बताया कि ऐसप्रिन की रेगुलर थेरेपी करने से इस कैंसर से लड़ा जा सकता है।

अभी इस बात का कोई क्लिनिकली प्रमाण तो नहीं है पर रिसर्चर्स ने रिसर्च के दौरान किये जा रहे अध्ययन से ये बात कही है।

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