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ट्रंप और किम के बीच हुई बातचीत का भारत ने किया स्वागत

नई दिल्ली। 70 साल बाद उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच हुई बातचीत का भारत ने समर्थन किया है। भारत ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है। भारत का कहना है कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ेगी और पूरी प्रतिबद्धता के साथ दोनों देश इसे लागू करेंगे, ताकि कोरियाई प्रायद्वीप के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति स्थापित हो सके।

उ. कोरिया के राष्ट्रपति अमेरिका के राष्ट्रपति से हाथ मिलते हुए।


भारत ने ट्रंप और किम के बीच हुई बातचीत का समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति आए, इसके लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। भारत बातचीत और कूटनीतिक पहल का स्वागत करता है।


हालांकि, भारत ने कहा कि इस संधि और प्रतिबद्धता को किस हद तक लागू किया जाता है, इसे लेकर चिंता जरूर है। भारत हमेशा से शांति, विकास और वृद्धि का समर्थक रहा है। हम आतंक के रास्ते का कभी समर्थन नहीं करते हैं।

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दुनिया के उन तमाम देशों का भारत विरोध करता रहा है, जिसने आतंकवाद का प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन किया है। भारत पूरी दुनिया से आग्रह करता रहा है कि आतंक की एक सामान्य स्वीकृत परिभाषा स्थापित की जाए।

भारत ने कहा कि हम अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत के अच्छे परिणाम की उम्मीद करते हैं। आशा है कि इस संधि से, जो भी निष्कर्ष निकला हो, उसे कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए लागू किया जाएगा।

भारत ने साफ किया है कि उत्तर कोरिया पाकिस्तान को अस्त्र-शस्त्र देता रहा है। लिहाजा, हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते के बाद भारत की चिंताओं पर भी विचार किया जाएगा।



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