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डर गए थे किम, नहीं छुआ अमेरिकी पेन, टॉइलट ले गए साथ !

नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के शासक किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर जितनी नजर बनी हुई थी, उतनी ही उत्सुकता किम और उनके बर्ताव को लेकर थी। हुआ भी कुछ वैसा ही। बात जब डील पर हस्ताक्षर करने की आई, तो किम एक बारगी रूक गए। उन्होंने उस कलम को छूने से पहले अपने सुरक्षाकर्मियों की ओर देखा।

डिजाइन फोटो। (सौ.गेटी इमेज)


खबरों के मुताबिक किम ने जिस कलम का इस्तेमाल किया, उनके सुरक्षागार्डों ने पहले उसे साफ किया। उन्हें शक था कि कहीं इसमें जहर या कोई रासायनिक पदार्थ न मिला हो।


अंग्रेजी अखबारों के मुताबिक किम को लगता था कि उन्हें जो पेन दिया गया है, उसे खोलते ही कहीं विस्फोट न हो जाए।

समझौते पर हस्ताक्षर करने का समय आया, तो दोनों नेताओं के सामने शार्पी पेन रखा गया।



किम जोंग की कलम


अमेरिका की तरफ से रखे गए इस पेन को सबसे पहले किम के एक सिक्योरिटी गार्ड ने आकर अच्छे से साफ किया।

किम को इस पर भी भरोसा नहीं था। उन्होंने इधर-उधर देखा। तब किम की बहन आई और उन्होंने एक पेन दिया। इसी से किम ने उन दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।



आपको बता दें कि किम की बहन उनकी सुरक्षा का जिम्मा देखती है।

किम के द्वारा पेन साफ करवाने के बाद भी यूज न करने पर कई थ्योरियां सामने आ रही हैं। डेली मेल के अनुसार किम को अपने डीएनए के सार्वजनिक हो जाने का डर है। या फ‍िर उन्हें जर्मोफोबिया या फ‍िर उन्हें डर था कि पेन में जहर हो सकता है।

पढ़ें- ट्रंप और किम के बीच हुई बातचीत का भारत ने किया स्वागत

खबर ये भी है कि किम अपने साथ पोर्टेबल टॉयलेट लेकर सिंगापुर पहुंचे थे। इसके पीछे भी किम की सहूलियत कम, उसकी सुरक्षा का कारण ज्यादा था।



दरअसल, पोर्टेबल टॉयलेट इसलिए ले जाया गया था, ताकि किम जोंग के स्टूल यानि मल की किसी तरह की जांच न की जा सके या उस पर किसी तरह का परीक्षण न किया जा सके।


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