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नागरिकता संशोधन विधेयक- 2016 के खिलाफ मिजोरम सरकार

एजल। मिजोरम सरकार ने नागरिकता संशोधन विधेयक- 2016 पर आपत्ति जाहिर की है। राज्य सरकार ने इस संबंध में विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।

मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थान्हावला। (फाइल फोटो)


एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्री परिषद ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। बैठक में मुख्यमंत्री लाल थनहावला ने कहा कि राज्य सरकार ने विधेयक को लेकर आपत्तियों के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पहले ही अवगत करा दिया था।


सभी पार्टियों ने किया विरोध
सरकार और भाजपा की प्रदेश इकाई समेत सभी पार्टियों और एनजीओ ने विधेयक का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि संशोधन विधेयक अगर कानून की शक्ल लेता है यह हजारो बौद्धों (चकमा) को वैध नागरिक बना देगा। जो बांग्लोदश से अवैध तरीके से देश में आए हैं।

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विशेष सत्र बुलाने का फैसला
अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने सिनलुंब पर्वतीय परिषद विधेयक 2018 को भी मंजूरी दे दी है। उसने विधेयक पारित कराने के लिए 27 जून को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी फैसला किया है।

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