• A
  • A
  • A
बढ़ेगा मोदी सरकार पर दबाव ! 22 साल से लंबित है महिला आरक्षण विधेयक

नई दिल्ली। भारत में महिला आरक्षण विधेयक लंबे समय से लंबित है। में संसद के मॉनसून सत्र के नजदीक आते ही एक बार फिर इस विधेयक को पास कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। कई महिला संगठन इस मुद्दे पर एकजुट हो रही हैं। ऐसे में वर्तमान केंद्र सरकार के अंतिम वर्ष में विधेयक पास कराने का भारी दबाव रहने की संभावना है।

डॉ रंजना कुमारी का बयान।


ताजा घटनाक्रम में 'सेंटर फॉर सोशल रिसर्च' की निदेशक डॉ रंजना कुमारी ने इस विषय पर आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में राजनीति में महिलाएं सबसे कमजोर हैं। राजनीतिक दल का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाएं चुप रहती है क्योंकि उन राजनीतिक दलों पर शासन करने वाले लोग उन्हें बोलने की इजाजत नहीं देते।
केंद्र सरकार ने नहीं बुलाई बैठक डॉ रंजना कुमारी ने कहा कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है, महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की वार्ता, चर्चा या सर्वसम्मति बनाने के लिए कोई बैठक नहीं बुलाई गयी। डॉ रंजना कुमारी ने कहा कि वर्तमान में एक भी राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध नहीं कर रहा है। फिर भी सरकार इस पर कोई चर्चा नहीं कर रही है।


वोट पाने का खुला आमंत्रण आगामी चुनाव के मद्देनजर डॉ रंजना ने कहा कि यह वोट पाने का यह सबसे अच्छा मौका है, लेकिन यह सरकार इस मौके को गंवा रही है। कहा जा रहा है कि बीजेपी सरकार के पास बिल पास करने के लिए संसद में बहुमत है। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने भी विधेयक का समर्थन किया है। अगर संसद में बिल पेश किया जाता है तो हो सकता है कि यह विधेयक देश में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।

22 वर्षों से लंबित है विधेयक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कई सांसदों ने इस विधेयक का विरोध भी किया है। पिछले करीब 22 वर्षों में संसद के हर सत्र में इस विधेयक की राह में रोड़े अटकाए गए हैं। बता दें कि वर्ष 2010 में विधेयक ने विधायिका का पहला पड़ाव पार किया था।

'महिला चार्टर' भी जारी किया महिला आरक्षण विधेयक के राष्ट्रीय गठबंधन ने बड़े पैमाने पर एक पत्र अभियान शुरू किया है। जिसके तहत विधेयक पारित करने के लिए प्रधानमंत्री को 5000 से अधिक पत्र भेजे गए हैं। गठबंधन ने सभी राजनीतिक दलों, नेताओं और राय निर्माताओं के लिए 'महिला चार्टर' भी जारी किया है। जिसमें महिला आरक्षण विधेयक व अन्य मांगों को शामिल किया गया है।

पढ़ें- 'कांग्रेस धर्म के नाम पर लड़ेगी 2019 का लोकसभा चुनाव'
सबसे लंबे समय तक लंबित रहा विधेयक देशभर से महिलाएं लंबित 'महिला आरक्षण विधेयक' के संबंध में अपनी चिंता साझा करने के लिए आज प्रेस क्लब में इकट्ठा हुई। बताया जाता है कि यह बिल स्वतंत्र भारत के इतिहास लंबे समय तक लंबित रहने वाला विधेयक है।

CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  कारोबार

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  सहेली

  गैलरी

  टूरिज़्म

  ASSEMBLY ELECTIONS 2018

  MAJOR CITIES