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भीषण त्रासदी के एक महीने बाद केरल की स्थिति

नई दिल्ली: केरल में आए भीषण प्राकृतिक आपदा को राज्य के लोग शायद ही कभी भूल पाए. यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसने जन-जन को झकझोंर कर रख दिया. बाढ़ और बारिश के कारण हुई मानवीय और भौतिक क्षति के बाद आज केरल कहां खड़ा है. यह सबसे बड़ा सवाल है

देखें वीडियो।


हालांकि मुख्यमंत्री आपदा राहत निधि द्वारा राहत बचाव कार्य के लिए करीब 1682 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की गई थी. सूबे के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और उनके कैबिनेट के मंत्री केरल को वास्तविक स्वरुप दिलाने की ठान चुके हैं. इसके लिए उन लोगों ने विदेशों के दौरे कर वहां रह रहे केरल अनिवासी (एनआईआई) से धन इकट्ठा कर राज्य की स्थिति की सुधारने का विचार कर रहे हैं.
लेकिन लोगों के मन में एक सवाल फिर भी कौंध रहा है कि, आखिर कब तक केरल अपने वास्तविक स्वरुप में आ जाएगा? आखिर इन सबमें कितना खर्च होने वाला है, या अब तक कितने खर्च हो चुके हैं. कितना समय लगेगा इत्यादि.
जहां तक राहत शिविरों का सवाल का संबंध है, उन शिविरों से लगभग 99 प्रतिशत लोग वापस चले गए हैं. यही आपदा के समय यहां रहने वालों की संख्या 10 लाख से अधिक थी. जबकि अब यहां राहत शिविरों में पूरे राज्य से मात्र 1000 लोग ही रह रहे हैं. तो क्या केरल को अपने समस्याओं से निजात मिल गया है.
विश्व बैंक और एशिया डेवलपमेंट बैंक ने अनुमान लगाया है कि इस त्रासदी में 25050 करोड़ बराबर बड़ी राशि का नुकसान हुआ है. इसके बाद मुख्यमंत्री के बयान में कहा गया कि ये केवल आधिकारिक अनुमान हैं वास्तविक में इस त्रासदी से केरल को इससे भी ज्यादा नुकसान हुआ है.
ऐसा नहीं है कि, राज्य और अन्य बचाव दल या सेना ने इस त्रासदी में किसी तरह की कमी दिखाई है. फिर भी इतनी बड़ी त्रासदी के बाद कई सवाल मन में आ ही जाते हैं.
यह बात भी ध्यान में रखना होगा कि, जो लोग विदेशों में काम कर रहे हैं उनके केरल स्थित घरों की क्या गति हुई होगी. उन्हें भी इस त्रासदी में काफी नुकसान हुआ होगा. ऐसे नुकसानों को झेलने वालों की आबादी भी कम नहीं है.
केरल के सीएम ने अपने बयान में कहा था कि, वे एक नया केरल के निर्माण की तलाश में हैं.

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