• A
  • A
  • A
अमित शाह ने कहा- 2019 चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव

नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 11-12 जनवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रामलीला मैदान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन किया. अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनावों, राम मंदिर, सरकार के कार्यकाल और अन्य मुद्दों पर संबोधित किया.

राष्ट्रीय अधिवेशन में बोलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह.


राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शास्त्री जी के बाद मोदी जी ही एक मात्र प्रधानमंत्री हुए जो किसान हित में इतना किया. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में किसान को कांग्रेस ने गुमराह किया. आज कांग्रेस सरकार की नीति के कारण किसानों को वारंट मिल रहा है. किसानों के लिए हमने बहुत कुछ किया. हमारे लिए किसान मतदाता ही नही अन्न दाता भी है. पिछली सरकारों के कारण किसानों की दुर्दशा हुई. पीएम के मन मे किसानों को लेकर संवेदनशीलता है. सिंह ने आगे कहा कि कृषि लोन को हमने ब्याज मुक्त कर दिया था. हर गांव में बिजली पहुंचाई गई जो कि किसान कि जरुरत थी. आयुष्मान भारत से भी किसान और मजदूर को लाभ मिला. सिंह ने कहा कि जिस दिन किसान का बेटा किसान बनना चाहेगा वो हमारी उपलब्धि होगी. गृह मंत्री ने कृषि योजना पर प्रस्ताव रखा जिस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने प्रस्ताव का समर्थन किया.

राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि देश का विकास देस की जनता बता रही है. मोदी जी आगे बढ़ रहे हैं और हम सब उनके साथ हैं.
उत्तर प्रदेश में 73-74 सीटों का दावा
शाह ने कहा कि आगामी चुनावों भाजपा उत्तर प्रदेश में 73-74 सीटें जीतेगी. 2014 में 6 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें थी और 2019 में 16 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं. 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव दिन दोगुनी गति से बढ़ा है.
जल्द हो राम मंदिर निर्माण
भाजपा चाहती है जल्द से जल्द उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और इसमें कोई दुविधा नहीं हैं. हम प्रयास कर रहे है कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है.
असम घुसपैठिये मौसेरे भाई लगते हैं क्या?
असम में 40 लाख घुसपैठियों को चिन्हित करने पर शाह ने कहा कि राज्यसभा में राहुल बाबा एंड कंपनी हाय-तौबा मचा रही है 'कहां जाएंगे, कहां रहेंगे, क्या खाएंगे' जैंसे उनके मौसेरे भाई लगते हो. कुछ समय से जो स्वयं जमानत पर हैं, जिन पर इनकम टैक्स का 600 करोड़ रुपए बकाया हो, ऐसे लोग मोदी जी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं.
2019 चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव
उन्होंने कहा कि 2019 का चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है. दो विचारधाराएं आमने सामने खड़ी है. 2019 का युद्ध सदियों तक असर छोड़ने वाला है और इसीलिए मैं मानता हूं कि इसे जीतना बहुत महत्वपूर्ण है.
मोदी को अकेले हराना मुश्किल
महागठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि एक दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले नरेंद्र मोदी जी को हराना मुमकिन नहीं है.

हर क्षेत्र में विकास
  • हमने गरीबों के कल्याण के लिए बहुत सारे काम किये हैं, उसके साथ-साथ हमारे देश की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है.
  • 2014 से पहले देश के जवानों की हत्या कर दी जाती थी, आये दिन बॉर्डर से घुसपैठ होती थी, इस प्रकार की स्थिति में हमने देश संभाला था. हमारी सरकार ने गोली का जवाब गोले से दिया है.
  • जवानों को 'वन रैंक, वन पेंशन' देकर नरेंद्र मोदी सरकार ने उन्हें सम्मान देने का काम ने किया है.
  • 2014 तक 60 करोड़ घर ऐसे थे जिनके पास अपना बैंक अकाउंट नहीं था, लेकिन मोदी जी ने एक झटके में ही इन सभी का अकाउंट बैंक में खोल दिया.
  • साढ़े चार सालों में 9 करोड़ शौचालय बनाकर माताओं और बहनों को शर्म से मुक्त करके सम्मान के साथ जीने का अधिकार भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दिया है.
  • मोदी सरकार ने बीते पांच साल में 6 करोड़ गरीब माताओं को गैस का सिलेंडर देने का काम किया है.
  • आज देश में नक्सलवाद और माओवाद लगभग समाप्त होने को है. 218 % आतंकियों को मारने में वृद्धि का आंकड़ा मोदी सरकार में पार हुआ है.
2019 का चुनाव गरीब, युवाओं और करोड़ों भारतीयों के लिए है
शाह ने कहा कि 2019 का चुनाव भारत के गरीब के लिए बहुत मायने रखता है. स्टार्टअप को लेकर निकले युवाओं के लिए ये चुनाव मायने रखता है, करोड़ों भारतीय जो दुनिया में भारत का गौरव देखने चाहते हैं उनके लिए ये चुनाव मायने रखता है.
अटल जी और आडवाणी जी जैंसा संघर्ष कभी नहीं हुआ
अमित शाह ने आगे कहा कि अटल जी जनसंघ के समय से ही देश की राजनीति के ध्रुव तारे की तरह चमके थे, भाजपा के संस्थापक अध्यक्ष थे. देश के हर कौने में भाजपा को पहुंचाने के लिए अटल जी और आडवाणी जी की जोड़ी ने जो संघर्ष किया है, ऐसा संघर्ष शायद ही हुआ हो.

विवेकानंद के सपनों का भारत बनाएंगे
उन्होंने कहा कि जिस भारत की कल्पना विवेकानंद जी ने की थी उस भारत को हम मोदी जी के नेतृत्व में बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं. शाह ने कहा कि ये अधिवेशन भारतीय जनता पार्टी के देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प करने का अधिवेशन है.
GST के फैसले से व्यापारियों को लाभ
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 40 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं. शाह ने कहा कि GST लागू होने के बाद से हर जीएसटी बैठक में एक के बाद एक वस्तुओं के दाम कम करने और जीएसटी के सरलीकरण के लिए हमेशा काम किया गया है. शाह ने कहा कि 1.5 करोड़ तक टर्नऑवर वाले कंपोजिशन प्लान स्वीकार करने वाले व्यापारियों को सिर्फ 1% टैक्स देना होगा. ये करोड़ों छोटे व्यवसायियों और लघु उद्योगों के लिए ये बड़ा फैसला है.
आरक्षण बिल से साकार होंगे सपने
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने वर्षों से चली आ रही आरक्षण बिल की मांग को दोनों सदनों में पास कराकर करोड़ों युवाओं के स्वप्न को साकार किया है.

इस अधिवेशन में 12 हजार छोटे बड़े नेताओंकार्यकर्ताओं की उपस्थिति में मोदी जीत का मंत्र देंगे. भारतीय जनता पार्टी आज से दो दिन का अधिवेशन आयोजित कर रही है. इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल से बातचीत हुई. उन्होंने कहा बीजेपी 2019 में चुनाव जीतेगी.

भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता नुपुर शर्मा से ईटीवी भारत ने बातचीत की.भाजपा ‘मिशन 2019’ की शुरुआत 11-12 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक से कर रही है. यहां देशभर के पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महाधिवेशन का उदघाटन करेंगे.
आज पीएम मोदी सबसे पहले ध्वजारोहण करेंगे. उसके बाद दीप जलाकर वंदेमातरम क गान होगा. इसके बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का अध्यक्षीय भाषण होगा.

यह महाधिवेशन समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बीच हो रही है.
इसने हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी को मिली हार के बाद भगवा पार्टी के मनोबल को बढ़ाया है.

भाजपा का मानना है कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा. इससे हिंदीभाषी राज्यों में अगड़ी जाति के मतदाता पार्टी के समर्थन में आएंगे. साथ ही जाट, पाटीदार, मराठा और राजनीतिक रूप से अन्य महत्वपूर्ण समुदायों में भी उसकी अपील मजबूत होगी.

पार्टी का एक हिस्सा मानता है कि अगड़ी जाति के मतदाताओं के आक्रोश का खामियाजा उसे हालिया विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार पर कानून को मजबूत बनाने जैसे मोदी सरकार के कदमों को भी रेखांकित किया जाएगा और इसे उसकी ‘सामाजिक न्याय’ परियोजना के हिस्से के तौर पर पेश किया जाएगा.

उन्होंने बताया, ‘मोदी सरकार ने समाज के हर तबके को सशक्त बनाया है। पार्टी विस्तार से इस बारे में बात करेगी.’

उन्होंने बताया कि किसानों के लिये पार्टी नीत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और गरीबों के कल्याण के लिये चलाई गई विभिन्न योजनाओं और आर्थिक विकास के लिये उठाए गए कदमों पर भी चर्चा की जाएगी. गौरतलब है कि किसानों की कर्ज माफी और राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है.

इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने बताया था कि यह देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं का ‘महासंगम’ होगा जहां से हम अपने विजय अभियान की शुरूआत करेंगे.
पढ़ें:
उन्होंने कहा था कि इस बैठक में हर प्रदेश से पार्टी कार्यकर्ता आयेंगे. बैठक के दौरान प्रस्ताव भी पास होंगे.

यह बैठक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से तेलगू देशम पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, असम गण परिषद के अलग होने तथा शिवसेना, अपना दल (एस), ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के साथ तल्ख रिश्तों की पृष्ठभूमि में हो रही है.

यह पहला मौका है जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है. इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे. बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है.

बैठक में राजनीतिक व आर्थिक मुद्दों समेत तीन प्रमुख प्रस्तावों के पारित किये जाने की संभावना है। इसमें राम मंदिर के मुद्दे पर भी पार्टी का रूख स्पष्ट किया जा सकता है। इस विषय पर आरएसएस समेत हिन्दुवादी संगठन मंदिर निर्माण के लिये कानून बनाने की मांग कर रहे हैं.

समझा जाता है कि बैठक में कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकारों के साठ साल के कामकाज की तुलना भी रखी जाएगी और बताया जाएगा कि वर्तमान सरकार के दौरान कितनी तेजी से विकास हुआ है.

इसमें सबसे ज्यादा जोर भ्रष्टाचार मुक्त सरकार पर दिया जायेगा और कांग्रेस की पिछली सरकारों के घोटालों की तुलना करते हुए भाजपा अपनी बेदाग सरकार को जनता के सामने लेकर जाएगी.

पढ़ें: CBI चीफ आलोक वर्मा को निदेशक के पद से हटाया गया
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय और राज्यों के पदाधिकारियों समेत अन्य नेता भी शामिल होंगे.



CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  कारोबार

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  गैलरी

  टूरिज़्म

  MAJOR CITIES