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हर लड़की की ख्वाहिश डबवाली की जूतियां! हाथों की ये कारीगरी देश भर में कमा रही नाम

सिरसा। डबवाली की जूतियां पूरे देश में मशहूर हैं। इन जूतियों की खास बात ये है कि महिलाएं इन्हें हाथों से तैयारी करती हैं। यही नहीं इन्ही जूतियों से कमाए पैसों से वो अपना घर भी चलाती हैं।

हाथ से जूती तैयारी करती महिला।




जूते चप्पलों की कई ब्रांडेड कंपनियों का आज बाजार पर कब्जा है। इसके बावजूद डबवाली में तैयार होने वाली जूतियां भारत में कई राज्यों की महिलाओं के लिए किसी ब्रांड से कम नहीं है। यहां हाथों से तैयार होने वाली डिजाइनर जूतियों ने डबवाली शहर को एक अलग पहचान दिलाई है। जिसकी डिमांड देश के कई राज्यों में है।


इस समय डबवाली लघु उद्योग से लगभग 250 से 300 घर जुड़े हुए हैं। महिलाएं घर पर ही जूतियों को बारीकी से तैयार करती हैं। एक दिन में एक महिला 6 से 7 जोड़ी जूतियां बना लेती हैं, जिसका मेहनताना उन्हें 20 रुपये प्रति जूती के हिसाब से दिया जाता है।


एक साथ बैठकर जूतियां तैयार करती महिलाएं।

इस जूतियों की खासियत की अगर बात की जाए तो ये काफी मजबूत होती हैं। यही नहीं यहां महिलाओं के लिए वर्क, सिंपल, लेदर, नोक वाली जूतियों की अलग-अलग वैराइटी बनती है। वहीं पुरुषों के लिए खोसा, गोल, सिंपल, लेदर में कुरम जैसी वैरायटी तैयार की जाती है।



घर में जूती बनाती बुजुर्ग महिला।

अपनी कारीगरी से घर चलाने वाली ये महिलाएं बताती हैं कि जब उनके घर में आर्थिक हालात बिगड़े तो उन्होंने जूतियां बनाने के काम में हाथ आजमाया। वो बताती हैं कि ये काम पिछले 30 सालों से यहां की महिलाएं करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में जूती करीब 500 रुपये में बिकती हैं, लेकिन यही जूतियां बड़े शहरों में तीन गुना दामों में ग्राहकों को बेची जाती हैं।



तैयार की गई जूतियां।

वहीं ग्राहकों ने बताया कि डबवाली की जूती पूरे देश में मशहूर है। वे बठिंडा से कई बार यहां जूतियों को लेने आ चुके है। उन्होंने कहा कि ये जूती मजबूत और सस्ती भी है। यहां की जूतियों की काफी वैरायटी मिलने के कारण लोगों को काफी पसंद भी आती हैं।


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