• A
  • A
  • A
तेजस्वी ने पूछा- 'किन-किन मंत्रियों व अफसरों के यहां नाबालिग लड़कियों को भेजा जाता था'

पटना। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न का मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है। अब इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो गयी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल पूछा है।

तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष (फाइल फोटो)।


तेजस्वी यादव ने ट्विटर के जरिए वार किया और लिखा कि 'मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में सुशील मोदी और नीतीश कुमार गंभीर चुप्पी क्यों साधे हुए है? किन-किन मंत्रियों व सरकारी अधिकारियों के यहां नाबालिग लड़कियों को भेजा जाता था, ये खुलासा करने मे किसका डर है? इसलिए की सत्ताधारी दलों के दिग्गज नेताओं के नाम सुनने में आ रहे हैं।'
खबरों के अनुसार एनजीओ संचालक बालिका सुधार गृह के मासूमों और बेबस महिलाओं को सफेदपोशों के साथ हमबिस्तर होने के लिए बाध्य करता था। चिकित्सकीय जांच से यह भी सामने आया है कि तीन लड़कियां प्रेगनेंसी की हालात में है।

एनजीओ के संचालक बृजेश ठाकुर के सम्बन्ध रसूखदार लोगों और सफेदपोशों के साथ थे। बृजेश ठाकुर यहीं से लड़कियों को रसूखदार लोगों तक पहुंचाया करता था। एक सामाजिक संस्था द्वारा किए गए रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ कि बालिका सुधार गृह में रह रही लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जाता था।

सरकार के आदेश पर एसआईटी की टीम गठित की गई। मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा गठित एसआईटी ने मधुबनी, पटना और मोकामा बालिका सुधार गृह में आयी 43 लड़कियों से पूछताछ की जिसमें 30 से अधिक पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका यौन शोषण होता रहा है।

ये भी पढ़ें - बोले सीताराम येचुरी- महागठबंधन से नीतीश कुमार होते PM उम्मीदवार

नेता और पदाधिकारियों के यहां अक्सर भेजा जाता था। मना करने पर मारपीट की जाती थी। खाना देना बंद कर देते थे। देह व्यापार के इस काले धंधे में संस्थान से जुड़े कई लोग शामिल थे। बृजेश ठाकुर इस पूरे रैकेट का सरगना था।

इस गोरखधंधे में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारी के साथ-साथ नेता का भी नाम सामने आ रहा है। हालांकि पीड़ित लड़की अधिकारी और नेता का नाम नहीं बता पायी है लेकिन हुलिया जरूर बता रही है। पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें पटना लाया जाता था और बड़े होटल में रखा जाता था।

एसआईटी ने फिलहाल एनजीओ सरगना बृजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और समाज कल्याण विभाग ने तत्तकाल ब्रजेश ठाकुर के 17 एनजीओ को काली सूची में शामिल कर दिया है। साथ ही बिहार के कई जिलों में चल रहे एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है।

इस बीच सबसे चौंका देने वाली सूचना यह है कि पटना के गुरुगोविन्द सिंह अस्पताल में जिन 8 लड़कियों का मेडिकल जांच कराया गया है उसमें 3 लड़कियां प्रेग्नेंट है। सभी के साथ रेप हुआ है इसकी भी पुष्टि हो चुकी है।

पूरे मामले को सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। मुजफ्फरपुर एसपी हरप्रीत कौर पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद कर रही हैं और सघन जांच की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा है कि दोषी जो कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा और सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  सहेली

  गैलरी

  टूरिज़्म

  MAJOR CITIES