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सीएम जयराम ने पेश किया 41,440 करोड़ का बजट, जानिए किसे क्या मिला

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वित्त मंत्री के रूप में शुक्रवार को 2018-19 के लिए हिमाचल प्रदेश का बजट पेश किया। सीएम ने कुल 41,440 करोड़ का बजट पेश किया। बजट में 28 नई योजनाओं को शामिल किया गया। ये बजट पिछले बजट से करीब 5657 करोड़ ज्यादा का है।

बजट पेश करते सीएम जयराम ठाकुर।


#HimachalBudget2018

-मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वित्त मंत्री के रूप में शुक्रवार को 2018-19 के लिए हिमाचल प्रदेश का बजट पेश किया। सीएम ने कुल 41,440 करोड़ का बजट पेश किया। बजट में 28 नई योजनाओं को शामिल किया गया। ये बजट पिछले बजट से 5657 करोड़ ज्यादा का है।


-शायराना अंदाज में बजट भाषण पढ़ते हुए सीएम ने पहले कहा, मुझे ऊंचाइयों पर देख कर हैरान हैं कुछ लोग, पर उन्होंने मेरे पैरों के छाले नहीं देखे। ये शेयर पढ़ने के बाद सीएम ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया।

-सीएम ने सबसे पहले सिराज विधानसभा के लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी बदौलत में पांचवी बार विधानसभा पहुंचा और मुझे मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला।

-सीएम ने कहा, सरकार बनने के बाद हमने पहले वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा को बिना किसी आय के 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया। ऐसा करने से इस आयु वर्ग के एक लाख 30 हजार वरिष्ठ नागरिकों को 195 करोड़ की वार्षिक वृद्धावस्था पेंशन मिलेगी।

-यूपीए सरकार ने राष्ट्रीय बजट 2012-13 से 2014-15 के लिए तीन सालों में हिमाचल को 28,552 करोड़ रुपये दिए, जबकि एनडीए ने 2015-16 से 2017-18 में 46,793 करोड़ रुपये दिए।

-केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए 69 नए राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। 221 ग्रामीण सड़कों और पुलों के लिए इस वित्त वर्ष में 782 करोड़ की मदद, बिलासपुर में एम्स की मंजूरी, चंबा, नाहन और हमीरपुर में महाविद्यालय के लिए राशि, 6 ट्रामा सेंटर केंद्रों के लिए 29 करोड़ की मदद, उड़ान योजना के तहत वायु सेवा दी है।

-2007 में (भाजपा शासन) राज्य सरकार पर 19977 करोड़ रुपये का कर्ज था, जब सरकार बदली तो 2012 में राज्य पर 27 598 करोड़ का कर्ज था, लेकिन दिसंबर 2018 में राज्य पर 46385 करोड़ का कर्ज है। 2008 से 2012 के बीच सिर्फ 7621 का कर्ज लिया गया। 2013 से 2017 तक 18,787 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लिया गया।

-सरकार बनते ही हमने गुड़िया हेल्पलाइन नंबर 1515 और होशियार सिंह हेल्पलाइन नंबर 1090 की शुरुआत की गई। होशियार पर आने वाली शिकायतों से खनन, ड्रग, वन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-महिला सुरक्षा के लिए 'शक्ति' एप की शुरुआत की गई। कोई भी महिला अगर मुसीबत में हो तो लाल बटन दबाते ही इसकी सूचना पुलिस बल तक पहुंच जाएगी।

-मादक पदार्थों के दुष्परिणामों से निपटने के लिए नारकोटिक्स फसलों को नष्ट किया जाएगा। एनडीपीएस कानून को और सख्त किया जाएगा।

-सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए साल 2018-19 के लिए 6300 करोड़ की वार्षिक योजना तैयार की है। जिसमें से एक हजार 587 करोड़ की राशि अनुसूचित जाति योजना, 566 करोड़ की राशि जनजातीय उपयोजना और 75 करोड़ राशि पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना के लिए प्रस्तावित है।

-सीएम ने कहा, केंद्र के सहयोग से वे युवा वर्ग के लिए रोजगार पैदा करेंगे, बेघरों को घर देंगे, किसानों और बागवानों की आय दोगुनी करने के प्रयास करेंगे, सस्ती स्वास्थ्य देंगे, गुणवत्ता आधारित शिक्षा, महिला सश्कितकरण, निवेश बढ़ाया जाएगा, कमजोर वर्ग का उत्थान, सभी घरों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराना और सभी पंचायतों को सड़क से जोड़ा जाएगा।

-हिमाचल में राम राज लाया जाएगा, ताकि लोग शांतिपूर्वक वातावरण में जी सकें।

-हर जिले के दूर दराज क्षेत्रों में 'जन मंच' का आयोजन होगा, जहां मौके पर ही जनसमस्याओं का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार 'जन अधिकार पुस्तिका' तैयार करेगी, जिसमें सरकार की योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी होगी।

-गैर न्यायिक स्टैंप पेपर के लिए ई स्टैंपिंग योजना की शुरुआत की जाएगी, जिससे ऑनलाइन स्टांप पेपर भी हासिल किया जा सकेगा।

-हिमाचल सरकार ऑप्टिकल फाइवर की मदद से सभी पंचायतों को हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी देगी। इसके साथ ही 'कागज रहित' वर्क कल्चर तैयार करेंगे।

-सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए पांच लाख से ज्यादा की निविदाओं की ई-प्रोक्यूरमेंट पोर्टल द्वारा जारी किया जाएगा। रोजगार पैदा करने के लिए 12 करोड़ की लागत से आईटी पार्क का निर्माण होगा, जिसमें लगभग 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।

-मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 30 लाख की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण होगा। इस योजना के लिए 12 करोड का बजट प्रस्तावित किया गया है।

-विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना की राशि 1.10 करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ कर दी गई है। इसके अलावा विवेक अनुदान राशि को पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया है।

-खाद्य उपदान योजना के अंतर्गत 3 दालें, 2 लीटर खाद्य तेल, एक किलो नमक सभी राशन कार्ड धारकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए 220 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।

-स्वचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सभी उचित मूल्यों की दुकानों में पीओएस यंत्र लगाए जाएंगे। जिसके लिए सभी राशन कार्डों को डिजिटाइस किया जाएगा।

-महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए हिमाचल गृहणी सुविधा योजना की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के तहत दो वर्षों में भी वंचित परिवारों को रसोई गैस पहुंचाई जाएगी। इसके लिए 12 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-बागवानी विकास परियोजना जो 1134 करोड़ की लागत से चल रही है के अंतर्गत लगभद 100 करोड़ की लागत से 2600 सेब के बगीचों में कौलोनल रूट स्टॉक पर बेहतर पैदावार किस्मों का कलमीकरण, 400 हेक्टेयर पर कई तरह के फलों के बगीचे लगाए जाएंगे, न्यूजीलैंड के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी कर्मचारियों को कैनोपी एंड फ्लोर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

-1.30 हेक्टेयर क्षेत्र में कमांद विकास किया जाना है। जिसके लिए 500 करोड़ के निवेश की जरूरत है। राज्य के आखिरी खेत तक पानी पहुंचाने के लिए 130 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-लघु सिंचाई योजन के अंतर्गत 277 करोड़ का वजट प्रस्तावित है। इसके अलावा मध्यम सिंचाई योजना का नादौन क्षेत्र और फिन्ना सिंह का कांगड़ा में क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके लिए 85 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-एफिशिएंट इरीगेशन थ्रू माइक्रो इरीगेशन सिस्टम योजना के तहत 15 करोड़ बजट प्रस्तावित है। बोरवेल निर्माण के लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-सिंचाई के लिए नई योजना जल से कृषि को बल शुरू की जाएगी, इस पर 5 साल में 250 करोड़ रुपये खर्च कर चेक डैम और तालाबों का निर्माण किया जाएगा।

-फ्लो इरीगेशन स्कीम शुरू की जाएगी, जिसके तहत 5 साल में 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले पांच सालों में 200 करोड़ की लागत से नई सौर सिंचाई योजना शुरू की जाएगी।

-किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की वर्तमान दर एक रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 75 पैसे यूनिट की जाएगी।

-सेब, सब्जियां व अन्य फलों को एचपी सरटेन गुड्स कैरिड बाय रोड्स टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाएगी।

-नई योजना 'प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान' शुरू की जाएगी, जिसके तहत किसानों को प्रशिक्षण, जरूरी उपकरण और जैविक कीटनाशक उपलब्ध कराए जाएंगे, इसके लिए 25 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-पॉली हाउस के लिए वाई.एस परमार किसान स्व रोजगार योजना के तहत 23 करोड़ का बजट प्रस्ताववित है। किसानों , युवा उद्यमियों के लिए कृषि उपकरण सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां उन्हें 25 लाख तक की मशीनरी पर 40 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

-बागवानी विभाग को कृषकों को पॉवर स्प्रेयर, पॉवर टिलर उपदान पर देने के लिए 12 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया।

-कृषि विभाग को कृषकों की पॉवर वीडर और पॉवर टिलर की मांग को पूरा करने के लिए 20 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-नेशनल मिशन फॉर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी के तहत कृषकों को कृषि यंत्र देने के लिए 29 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-ओलावृष्टि से बागवानी फसलों को बचाने के लिए एंटी हेलनेट दिए जाएंगे, जिसके लिए 2.27 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-बागवानी सुरक्षा योजना के अंतर्गत एंटी हेलगन लगाने के लिए बागवानों को 60 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जिसके लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के अंतर्गत सोलर बाड़ लगाने में सरकार 85 प्रतिशत अनुदान देगी, जिसके लिए 35 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-खाद्यान्न विधायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए स्टेट मिशन ऑन फूड प्रोसेसिंग योजना के तहत 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित बीमा योजना के लिए 29 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
उत्तम चारा उत्पादन योजना के लिए 7 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-प्रदेश में पहली बार सामान्य वर्ग के वीपीएल परिवारों को दुधारू पशुओं के लिए पशु आहार खरीदने पर छूट मिलेगी। इस योजना के लिए 4 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।

-मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के तहत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
हिमाचल में गौ सेवा आयोग का गठन किया जाएगा। साथ ही गौ मूत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत निवेश अनुदान देगी। प्रदेश में बिकने वाला शराब पर प्रति बोतल एक रुपये का गौवंश विकास सेस लगाया जाएगा, जिससे सालान लगभग 8 करोड़ रुपये की कमाई होगी।

-कचरा इकट्ठा करने के लिए पिकअप वाहनों की खरीद पर 33% उपदान की घोषणा।

-रिवॉल्विंग फंड 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार किया जाएगा।

-मुख्यमंत्री आवास योजना में 42 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-विभिन्न आवास योजनाओं के लिए 150 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-जिला परिषद एवं पंचायत समीति के लिए 45 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-बाहरी सहायता प्राप्त योजनाओं के लिए 125 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-वृक्षारोपण के लिए सामुदायिक वन संवर्धन योजना प्रस्तावित।

-सुंदरनगर में स्थापित की जाएगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड काी नई प्रयोगशाला।

-12 जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले स्क्रीन स्थापित की जाएंगी।

-विज्ञान के प्रति छात्रों की रूचि बढ़ाने के लिए युवा विज्ञान पुरस्कार शुरू किया जाएगा।

-शहरी विकास विभाग के लिए 487 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-आपदा प्रबंधन के लिए 273 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-पेयजल योजनाओं के लिए 275 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-हैंडपंप लगाने के लिए 20 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-जल आपूर्ति, सिंचाई योजनाओं के लिए 500 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-सिंचाई व जन स्वास्थ्य विभाग के लिए 2572 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-बरोटीवाला-मंधाला-परवाणू और बरोटीवाला-गुनाई सड़क को चौड़ा करने के लिए 4 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-कृषि उपभोक्ताओं को बिजली उपदान के लिए 475 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-बहुउद्देशीय परियोजनाओं और उर्जा विभाग के लिए 1219 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना 'नई राहें नई मंजिलें' शुरू की जाएगी। इस योजना के लिए 50 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-नई योजना मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की जाएगी जिससे युवाओं को लाभ मिलेगा। 40 लाख तक के निवेश पर मशीनरी पर 25% की छूट जबकि महिलाओं को 30 % की छूट। 40 लाख के लोन पर 3 साल के लिए 5% ब्याज।
सरकारी जमीन 1% की दर पर पट्टे पर दी जाएगी। अगर प्राइवेट जमीन खरीदना चाहते हैं तो स्टांप ड्यूटी 6% से घटाकर 3% ली जाएगी। इस योजना के लिए 80 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत युवाओं को 30 लाख तक की राशि जमीन व मकान छोड़कर निवेश के लिए 25% की छूट जबकि महिलाओं को 30% छूट दी जाएगी। 30 लाख के लोन पर 3 साल के लिए 5% ब्याज। इस योजना के लिए 75 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 77 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-कौशल विकास भत्ते के लिए 100 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-सड़कों में कमी दूर करने के लिए 50 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-दुर्घटना संभावित स्थलों पर रेलिंग, साइन बोर्ड लगाने के लिए 50 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-लोक निर्माण विभाग के लिए 4082 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-रेल नेटवर्क बढ़ाने के लिए 422 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केंद्र के लिए 25 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-मेधा प्रोत्साहन योजना के लिए 5 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-शिक्षा विभाग के लिए 7044 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 229 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-'आज पुरानी राहों से' योजना के लिए 25 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-बहुउद्देशीय इंडोर कॉम्लेक्स निर्माण के लिए 15 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के लिए 6.80 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-खेल-कूद सुविधाओं के लिए पुनरूद्धार के लिए 2 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-निशुल्क दवा नीति के लिए 50 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना के लिए 15 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-सैनिटरी नैपकिन पैकेट के लिए 4 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-आईजीएमसी में किडनी ट्रांस्प्लांट सुविधा के लिए 4 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-तंबाकू मुक्त संस्थान कार्यक्रम के लिए 2302 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-आयुर्वेद विभाग के लिए 263 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-मदर टेरेसा मातृ आश्रय संबल योजना के लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-बेटी है अनमोल योजना के लिए 12 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-अनुसूचित जाति उप योजना के लिए 1583 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 600 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-70 वर्ष से आयु वर्ग के व्यक्तियों की पेंशन बढ़ाकर 1300 की जाएगी।

-जनजातिय क्षेत्रों के लिए 1620 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-सोलन-हमीरपुर-चंबा में 1-1 महिला थाना खोला जाएगा।

-फॉरेंसिक साइंस लैब के लिए 2 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-पुलिस आवास के लिए 40 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-गृह विभाग के लिए 1430 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-अटल पेंशन योजना के लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

कर्मचारियों को तोहफा
  • गर्भवती होने पर महिला को 135 दिन के बजाय 180 दिना का मेटरनिटी लिव दी जाएगी।
  • 3% महंगाई भत्ता जारी किया जाएगा।
  • नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 1 जनवरी 2016 से 8% की अंतरिम राहत जारी की जाएगी जिससे इन्हें 700 करोड़ का लाभ होगा।
  • नियमित सरकारी कर्मचारी-पेंशनरों को मूल वेतन- मूल पेंशन पे 1 जुलाई 2017 से 4% अतिरिक्त अंतरिम सहायता दी जाएगी जिससे उन्हें 2500 करोड़ का लाभ होगा।
  • अनुबंध कर्मचारियों को मूल प्लस ग्रेड पे और ग्रेड पे का दोगुना सवरूप दिया जाएगा।
  • दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी 210 से 220 रुपये कर दी गई है।
-कर्मचारी आवास निर्माण के लिए 65 करोड़ व रखरखाव के लिए 25 करोड़ का बजट प्रस्तावित।

-साल 2018-19 के लिए कुल 41440 करोड़ का बजट अनुमानित है। वेतन पर 11263 करोड़, पेंशन पर 5893 करोड़, ब्याज व्यय करने पर 4260 करोड़, कर्ज वापसी पर 3184 करोड़, अन्य कर्जों पर 448 करोड़, रखरखाव के लिए 2741 करोड़ का खर्च अनुमानित है।

-पर्यटन के लिए नई राहें-नई मंजिल योजना शुरू, पर्यटन के लिए 50 करोड़ का बजट प्रस्तावित। हाई क्लास टूरिस्ट को आकर्षित किया जाएगा। उड़ान 2 योजना के तहत अतिरिक्त हेलिपैड बनेंगे।

-सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के लिए 2572 करोड़ का बजट।

-शहरी निकाय को 487 करोड़ का बजट, शहरी निकाय प्रतिनिधियों का मानदेय भी बढ़ाया। अब मेयर की सैलरी 11000 रुपये होगी।

-वन विभाग को 651 करोड़ का बजट।

-जिला परिषद अध्यक्ष का वेतन 8 हजार से बढ़ाकर 11 हजार किया जाएगा। पंचायत प्रधान को मिलेंगे 4000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

-पंचायती राज विभाग का बजट 1894 करोड़ रुपये, हर पंचायत का इतिहास लिखा जाएगा।

-सीएम आवास योजना में 42 करोड़, सभी आवास योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधना।

-मनरेगा में 100 दिन की बजाय 120 दिन का रोजगार दिया जाएगा।

-बजट में सोलर फैंसिंग के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान।

-एंटी हैल गन को 60 फीसदी उपदान।

-जीरो बजट खेती को प्रोत्साहन देना, प्राकृतिक खेती के लिए 25 करोड़ की योजना।

-हिमाचल प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री जयराम के नेतृत्व में हर प्रकार की सब्सिडी छोड़ी।

-हिमाचल प्रदेश की हर पंचायत को सड़क से जोड़ा जाएगा।

-इरीगेशन को लेकर सीएम ने कहा कि 5 साल में हर खेत में पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। लघु सिंचाई योजना पर 277 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

-92 फीसदी घरों में एलपीजी गैस पहुंचेगी। हिमाचल सरकार जल्द ही हिमाचल गृहणी सुविधा योजना शुरू करेगी। दो साल में हर घर में एलपीजी होगी। हिमाचल देश का पहला राज्य बनेगा, जहां दो साल में हर घर में एलपीजी पहुंचेगी।

-अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास करने के लिए सवा करोड़ होगी विधायक विकास निधि।

-दुर्गम इलाकों में जन मंच का आयोजन होगा। जन अधिकार बुक तैयार की जाएगी। जन मंच पर राज्य के मंत्री आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे।


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