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चार लोगों को नई जिंदगी देकर दुनिया से अलविदा हो गई ये बेटी

भरतपुर। कहते हैं कि बेटी दो घरों को रोशन करती है। लेकिन राजस्थान के भरतपुर जिले की एक बेटी ने ऐसा काम किए है जिसके कारण चार परिवार के लोगों को नई जिंदगी मिली है। भरतपुर की यह बेटी खुद को मौत की गहरी नींद में सो गई लेकिन चार परिवारों को नई जिंदगी देकर उनके परिजनों को आपार खुशियां दे गई।

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जानकारी देते लोग ।


दरअसल, 12 दिन पहले सड़क हादसे में एक नाबालिग लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिसे इलाज के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था लेकिन युवती के परिजनों ने उसके अंगों का दान करने का संकल्प लेकर चार लोगों को नई जिंदगी दी है।



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दीप्ति गुप्ता के चार अंग दान किए गए जिसमें किडनी जयपुर के मानसरोवर निवासी एक 56 वर्षीय व्यक्ति को दी गई जिसकी 6 महीने पहले दोनों किडनी खराब हो गई थीं और दूसरी किडनी जयपुर की एक 40 वर्षीय महिला के लगाई गई है। वहीं, लीवर मथुरा निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति को लगाया गया है और उसका दिल मुंबई की 32 वर्षीय एक लड़की को दिया गया है जिसके दिल में बड़ा छेद था। दीप्ति तो दुनिया छोड़ गई लेकिन अंगदान करके चार लोगों को नई जिन्दगी दे गई।

ऐसे हुआ था हादसा
दीप्ति अपने परिजनों के साथ गोगामेड़ी दर्शन को गई थी जहां से लौटते समय रींगस के पास दुर्घटना में दीप्ति सहित उसके परिजनों भी घायल हो गए थे। दीप्ति के पिता अनिल कुमार मेडिकल शॉप चलाते हैं और दादा कम्पाउण्डर से सेवानिवृत हैं।

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गुरुवार को मृतक दीप्ति गुप्ता का शव उसके निवास पर पहुंचा जहां लोगों की भीड़ जमा हो गयी और शव का अंतिम संस्कार किया गया इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

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