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27 सालों से योगी की लाडली बहन कर रही इंतजार, बोली-हर बार सोचती हूं, अबकी बार आएंगे भैया

देहरादून। रक्षाबंधन का त्यौहार है और देश के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक की बहन पिछले 27 सालों से अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार कर रही है। बता दें कि वह हर साल इंतजार करती हैं कि काश वह अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकें। इसके साथ ही हर साल सोचती हैं कि इस बार तो भाई खुद आकर बचपन की तरह राखी बंधवाएंगे।

वीडियोः रिपोर्टर से बात करती हुईं योगी की बहन शशि।


वहीं, एक लंबा अरसा बीत गया है लेकिन एक बहन का भाई के लिए इंतजार आज भी खत्म नहीं हुआ है। हम बात कर रहे हैं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की। बता दें कि कैमरे पर पहली बार योगी आदित्यनाथ की तीन बहनों में से सबसे छोटी बहन को हमने इस रक्षाबंधन के मौके पर संपर्क करना शुरू किया और मालूम हुआ कि योगी आदित्यनाथ की सबसे लाडली बहन शशि ऋषिकेश से लगभग 30 किलोमीटर ऊपर जंगलों में झोपड़ीनुमा दुकान पर रोजगार कर रही हैं।



एक बहन कर रही है भाई का इंतजार
हम उत्सुक थे उस बहन से मिलने के लिए जिस बहन ने योगी जैसे इंसान को बाल अवस्था से जवानी तक बड़े होते देखा। वैसे तो योगी आदित्यनाथ की दो बहनें ठीक-ठाक परिवार में हैं, लेकिन शशि अपनी जिंदगी बड़ी मुश्किलों के बीच गुजार रही हैं। योगी आदित्यनाथ की तीसरे नंबर की बहन से संपर्क करने की कोशिश में हमने रुख किया ऋषिकेश से ऊपर नीलकंठ पर्वत का और हमारे वहां पहुंचने के बाद हमें वो एक दुकान में सामान बेचती हुए नजर आईं।


कब आओगे भाई तुम
हम उनसे रक्षाबंधन और भाई-बहन के प्रेम पर बात करना चाहतें थे, लेकिन सवाल जवाब का सिलसिला शुरू हो चुका था। शशि ने बताया कि वह पिछले 27 सालों से अपने भाई से नहीं मिली हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अपने भाई योगी आदित्यनाथ को पौड़ी गढ़वाल में चुनाव कैंपेन के दौरान देखा था लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई थी।

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आज से 27 साल पहले जब योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड के पंचूर गांव में रहते थे तो पूरा परिवार हर त्यौहार को एक साथ मिलकर मनाता था। योगी की बहन शशि का कहना है कि बचपन में रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन वह अपने चारों भाइयों को सामने बैठाकर राखी बांधती थीं और उपहार के तौर पर योगी आदित्यनाथ उर्फ़ अजय बिष्ट उनसे यही कहा करते थे कि अभी तो फिलहाल में कुछ नहीं कमा रहा हूं, लेकिन जब बड़ा हो जाऊंगा तो तुम्हें खूब सारे उपहार दूंगा।


वहीं, अजय बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ बचपन में राखी के त्यौहार पर अपने पिता से पैसे लेकर अपनी तीनों बहनों को दिया करते थे। शशि बताती हैं कि पैसे देने के बाद योगी आदित्यनाथ पिता के चले जाने के बाद उनसे वही पैसे दोबारा मांगा करते थे।

बचपन की यादों को याद कर आंखे भर आती हैं
बचपन की यादों को याद करके योगी की बहन शशि की आंखों में आंसू आज भी आ जाते हैं। शशि हमसे बातें करते हुए कई बार भावुक भी हो गईं थी। उनका कहना है कि इस त्यौहार पर जब वह अपने भाई-बहनों को याद करती हैं तो हर बार रोती हैं। इसके साथ ही जब उन्हें पहली बार मालूम हुआ कि उनका भाई संत बन गया है तो उन्हें बेहद दुख हुआ। वह गांव में और दुकान पर आने वाले हर साधु-संतों को उसी तरह से देखने लगी थीं कि कहीं उनका भाई उनसे मिलने तो नहीं आया है।


27 साल से नहीं मिले योगी अपनी बहन से
शशि बताती हैं कि यह सब कुछ अचानक से हो गया था। शादी होकर वह अपने ससुराल आईं ही थी कि उन्हें खबर मिली कि उनका भाई गोरखपुर चला गया है। शशि नीलकंठ मंदिर से ऊपर पार्वती मंदिर के पास वह आज दुकान चला रही हैं। प्रसाद, फूल माला और बिस्कुट की दुकान पर बैठकर अपने परिवार का पेट पाल रही हैं। शशि का कहना है कि इस बार भी उन्होंने अपने भाई अजय बिष्ट को दिल्ली के पते पर राखी भेजी है और पिछले 25 से 27 सालों से वह इसी तरह से राखी भेज रही हैं लेकिन आजतक भाई का कोई जवाब नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि उन्हें तो यह भी नहीं पता कि उनके द्वारा भेजी गई राखी भाई को मिलती भी है या नहीं। वह चाहती हैं कि अपने भाई की कलाई पर राखी सामने बैठाकर बांधें। इसके साथ ही अपने भाई से दिल खोलकर बात करना चाहती हैं।

बहन इस राखी पर भाई से चाहती ये उपहार
जब हमने उनसे कहा कि इस राखी पर आप अपने भाई से क्या उपहार चाहती हैं तो उनका कहना था कि जिस तरह से वह उत्तर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। वह जी जान प्रदेश की सेवा करें और एक दिन वह देश की सेवा में भी बड़ी भागीदारी रखें। इसके साथ उन्होंने कहा कि एक बार योगी आदित्यनाथ उनसे मिलने के लिए भी आएं या वह नहीं आ सकते हैं तो कम से कम अपनी बहन को अपने पास तो जरूर बुलाएं।

शशि कहती हैं जब से अजय बिष्ट यूपी के मुख्यमंत्री बने हैं तब से उन्हें बहुत डर लगता है। जब वह अखबारों और खबरों में पढ़ती हैं कि उनकी जान को खतरा है तो वह डर जाती हैं। उनका कहना है कि वह भगवान से रोज प्रार्थना करती हैं कि उनका भाई इसी तरह से सेवा करता रहे और भगवान उनकी हिफाजत करे।

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