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योगी की बहन मंदिर के सामने प्रसाद बेचकर करतीं हैं गुजारा

देहरादून। देश में ना जाने कितने राजनेता हैं जो सत्ता का स्वाद चखने के बाद अपने पूरे परिवार की किस्मत ही बदल देते हैं और परिजनों को मालामाल कर देते हैं। लेकिन देश में एक राजनेता ऐसे भी हैं पीएम मोदी के बाद सबसे अधिक चर्चाओं में है और वर्तमान में देश के सबसे बड़े राज्य के सीएम हैं। लेकिन उनकी एक बहन आज भी देवभूमि के एक मंदिर में फूल बेचती हैं।

27 सालों से योगी की छोटी बहन कर रही भाई का इंतजार।


दरअसल भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ की बहन आज भी उत्तराखंड के एक मंदिर में फूल और प्रसाद बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही है। ऐसा नहीं है कि योगी आदित्यनाथ और परिवार से वो कभी अलग हुई या फिर परिवार ने उन्हें अलग कर दिया हो, बल्कि 1995 से लेकर अब तक वो यहीं काम कर रही हैं।


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इस राज़ पर से पर्दा उठाकर हकीकत को उजागर करने के लिए हमने रुख देवभूमि के पौड़ी गढ़वाल जिले के नीलकंठ मंदिर का, जहां से ख़बर आई थी कि यूपी के सीएम योगी की 3 बहनों में सबसे छोटी बहन शशि मंदिर में प्रसाद और फूलों की माला बनाकर बेचती है। इस बात को जानने के लिए हमने ऋषिकेश से नीलकंठ का रुख किया और लोगों से जानकारी जुटाते हुए उत्सुकताओं से भरे हुए नीलकंठ पहुंचे।

लोगों के सवालों से बचने के लिए छुपानी पड़ती है पहचान
नीलकंठ मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर ऊपर पार्वती मंदिर के पास हमें कुछ दुकानें दिखीं। लोगों से पूछने पर कि क्या यहां योगी आदित्यनाथ की बहन रहती है?, सभी ने साफ शब्दों में इनकार कर दिया कि नहीं यहां कोई शशि नहीं रहती। लेकिन सबसे अचंभित करने वाले बात ये थी कि जिस महिला से हम शशि का पता पूछ रहे थे, दरअसल वही शशि थी। शशि नहीं चाहती थी कि किसी को पता चले की वो योगी आदित्यनाथ की छोटी बहन है।

फूल माला और प्रसाद बेचकर कर रही जीवन-यापन
शशि अपने पति पूरण के साथ नीलकंठ मंदिर के पास पार्वती धाम में फूल प्रसाद माला की दुकान चलाती है और एक झोंपड़ी में अपने परिवाय के साथ जीवन यापन कर रही है। झोपड़ी में बैठकर कोई भी धोखा खा सकता है कि क्या सच में यही योगी आदित्यनाथ की बहन है। हंसमुख और बात-बात पर भावुक हो जाने वाली शशि ने अपने और परिवार के बारे में ढेरों बातें की।

योगी के सांसद बनने के बाद से नहीं हुई बातः शशि
शशि ने बताया कि उनकी शादी 1992 में गढ़वाल के रहने वाले पूरन से हो गई थी। शशि की शादी के तुरंत बाद योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट घर छोड़कर चले गए। शशि ने कहा कि जब से योगी सांसद बने तब से लेकर अब तक उनकी भाई योगी से कोई बात नहीं हो पाई है। बचपन को याद कर भावुक होते हुए शशि ने बताया कि परिवार में सबकुछ बहुत बेहतर चल रहा था, 7 भाई-बहनों के साथ योगी भी पढ़ाई लिखाई और परिवार के कामों में बहुत समझदार थे।

27 सालों से कर रही भाई का इंतजार
शशि ने बताया कि वे ही योगी को स्कूल से लाने और ले जाने का काम करती थी। भाई के सीएम के बाद कई लोग पूछते आते हैं मजबूरन हमें मना करना पड़ता है कि मै उनकी बहन नहीं हूं। शशि ने कहा कि वह अपने परिवार में खुश हैं, बस दुख इस बात का है कि पिछले 27 सालों से वह भाई योगी और परिवार से नहीं मिल पाई हैं।

कमाऊंगा तो तुम्हें खूब सारे उपहार दूंगा : शशि
आखिर में बचपन की दिनों को याद करते हुए नम आंखों से योगी की बहन शशि ने कहा, बचपन में रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन वह अपने चारों भाइयों को सामने बैठाकर राखी बांधती थीं और उपहार के तौर पर अजय बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) उनसे यही कहा करते थे कि अभी तो फिलहाल में कुछ नहीं कमा रहा हूं, लेकिन जब बड़ा हो जाऊंगा तो तुम्हें खूब सारे उपहार दूंगा।

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