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मेडिकल कॉलेज घोटाले में कानून के हाथ पहुंचे HighCourt के जज तक, राष्ट्रपति भवन पहुंचा पद से हटाने का पत्र

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस नारायण शुक्ला के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी करने वाली इन-हाउस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रपति के सचिवालय को पत्र लिखकर जज को हटाने की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है। जस्टिस शुक्ला को सुप्रीम कोर्ट की इन हाउस कमेटी ने मेडिकल कॉलेज मामले में दोषी पाया है।

डिजाइन फोटो।


कार्रवाई का खुलासा पारस नाथ सिंह द्वारा दायर सूचना के अधिकार के जवाब में हुआ है। जवाब में राष्ट्रपति के सचिवालय ने पुष्टि की कि उसे चीफ जस्टिस के कार्यालय से 2 फरवरी, 2018 को एक पत्र मिला, जिसमें समिति के लगाए अभियोग के आधार पर जस्टिस शुक्ला को पद से हटाने की कार्यवाही शुरू करने की मांग थी । इसमें कहा गया है कि ये पत्र विचाराधीन” है।

जज को हटाने के लिए लिखा गया पत्र

चीफ जस्टिस ने शुक्ला के खिलाफ की कार्रवाई
आपको बता दें कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने नवंबर 2017 में जस्टिस शुक्ला के खिलाफ जांच शुरू की थी और मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी, सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके अग्निहोत्री और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस पीके जयसवाल की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।


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एक बार जब चीफ जस्टिस के पत्र को स्वीकार किया जाता है तो उपराष्ट्रपति न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत चीफ जस्टिस से मशविरा कर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन करेंगे।



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