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'मोदी सरकार के पास बहुमत, महिला आरक्षण विधेयक पास हो', देश भर की महिलाएं एकजुट

नई दिल्ली। समस्त भारत से आई महिलाओं ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 'महिला आरक्षण विधेयक' के विषय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के पास न होने के विषय मे अपनी चिंता जाहिर की।

डिजाइन फोटो।


दरअसल यह बिल भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय से अटका हुआ बिल है। महिला आरक्षण विधेयक पारित करने के लिए प्रधानमंत्री को 5000 से भी अधिक पत्र भी भेजे गए हैं।
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सांसदों की आवश्यक संख्या मौजूद
कॉन्फ्रेंस में सभी राजनीतिक दलों, नेताओं और राय-निर्माताओं के लिए 'महिला चार्टर' भी जारी किया गया। पूरे भारत से आई ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने आरक्षण विधेयक को तत्काल पास करने की मांग की। वर्तमान में बीजेपी सरकार के पास बिल पास करवाने के लिए सांसदों की आवश्यक संख्या है। कांग्रेस पार्टी ने भी विधेयक का समर्थन किया है। संसद में इस बिल के पास होने से देश में एक अच्छे बदलाव की कल्पना की जा सकती है।

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कई सांसदों ने बिल को पास होने में बाधाएं डाली
दरअसल मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कई सांसदों ने इस बिल को पास होने में कई बाधाए डाली हैं। भारत के राजनीति में महिलाओं की उपस्थिति बहुत कम है। आंकड़ों के अनुसार भारत की संसद के दोनों सदनों में केवल 96 महिला प्रतिनिधि हैं। वहीं लोकसभा में 543 सदस्यों में से केवल 65 महिलाएं हैं। दूसरी तरफ राज्यसभा में 243 सदस्यों में से केवल 31 ही महिला सांसद हैं।
सामाजिक अनुसंधान केंद्र की निदेशक डॉ. रंजना कुमारी ने कहा कि सरकार को महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का यह आखिरी मौका है। यदि राजनीतिक दलों पर यह फैसला छोड़ दिया जाता है तो वे ऐसा नहीं करेंगे। हमने न्याय के लिए इतने सालों से संघर्ष किया है और अब हमें न्याय मिलना चाहिए।



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