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सीबीआई विवाद: राकेश अस्थाना को झटका, 10 हफ्तों में CBI पूरी करे FIR की जांच- हाईकोर्ट

नई दिल्ली: सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. बता दें कि राकेश अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और कोई भी निरोधात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डाली थी. ये फैसला जस्टिस नाजिम वजीरी ने सुनाया था.

डिजाइन फोटो।


कोर्ट ने सीबीआई को अस्थाना, देवेंद्र कुमार और बिचौलिए मनोज प्रसाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच दस हफ्ते में पूरी करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि सतीश साना ने काफी गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही अदालत ने राकेश अस्थाना की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटा दिया है.
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रिश्वत देने के आरोप में सामने आया नाम
हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 17ए के तहत किसी लोकसेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार और लोकसेवा न करने के मामले में अभियोजन के लिए स्वीकृति लेने की कोई जरूरत नहीं है. बता दें कि 20 दिसंबर 2018 को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. 11 दिसंबर 2018 को सीबीआई रिश्वत कांड मामले में रिश्वत देने की शिकायत करने वाले हैदराबाद निवासी सतीश साना की गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सतीश साना को सीबीआई जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था.

पिछले 30 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने सतीश साना को सुरक्षा देने का निर्देश दिया था. सतीश साना ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से अपनी सुरक्षा की मांग की थी. बता दें कि आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के बाद सतीश साना कहीं गायब हो गया था. अस्थाना के खिलाफ केस सतीश साना से जुड़े एक मामले में ही दर्ज किया गया था. सतीश साना ही वह व्यक्ति है, जिसने मोईन कुरैशी से जुड़ा अपना केस रफादफा कराने के लिए अस्थाना को 3 करोड़ रुपए रिश्वत देने का आरोप लगाया है. साना का नाम आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को रिश्वत देने के आरोप में सामने आया है.

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16 अक्टूबर 2018 को बिचौलिया गिरफ्तार
सीबीआई के मुताबिक 2 करोड़ रुपये का ताजा घूस सतीश ने खुद को 25 सितंबर 2018 तक बचाए रखने के लिए दिया था. 10 अक्टूबर 2018 को 25 लाख रुपये चुकाए गए और बाकी पैसे 16 अक्टूबर तक देने की बात हुई. सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2018 को बिचौलिए मनोज प्रसाद को गिरफ्तार किया था, जब वह बाकी के पौने दो लाख रुपए लेकर भारत आया था.



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