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छत्रपति मर्डर केस में राम रहीम दोषी करार, 17 जनवरी को सुनाई जाएगी सजा

पंचकूला: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया है. राम रहीम समेत चारों आरोपी विशेष सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिए हैं. इनको सजा अब 17 जनवरी को सुनाई जाएगी.

कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया है.


3.00 बजेपंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम समेत चारों आरोपियों को रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में दोषी माना है. बता दें कि साध्वी यौन शोषण के मामले में पहले से ही गुरमीत रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है.


दोपहर 2.40 बजेलंच के बाद दोबारा से कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई. इस दौरान राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ. बाकि तीन आरोपी भी कोर्ट में प्रत्यक्ष रूप से पेश हुए.
इससे पहले तीनों आरोपियों का मेडिकल करवाया गया. जो तीन आरोपी कोर्ट में प्रत्यक्ष तौर पर पेश हुए हैं उनका नाम किशन लाल, निर्मल और कुलदीप है.

दोपहर 1.30 बजेपंचकूला पुलिस कमिश्नर सौरभ सिंह ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल है. सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है. अभी तक माहौल शांतिप्रिय है और आगे भी ये कोशिश जारी रहेगी.

दोपहर 12.40 बजेADGP मोहम्मद अकील ने पंचकूला पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए. मोहम्मद अकील ने कहा कि सुरक्षा चाक चौबंद है. किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी.


सुबह 12 बजे
  • सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि फैसले को लेकर अपने वकील की ओर से कुछ जानकारी मिलने के बाद से गुरमीत राम रहीम शांत है. वो किसी भी नंबरदार से बातचीत नहीं कर रहा.

वहीं सिरसा में वीटा मिल्क प्लांट और सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं. एतिहात के तौर पर जिले की लगभग सभी दुकानें बंद करवाई गई. ताकि किसी तरह की अनहोनी ना हो. डेरा सच्चा सौदा की सभी दुकानें बंद की गई.

सिरसा में 14 जगह पुलिस नाके लगाए गए, सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने 500 जवान तैनात किए. वहीं रोहतक में ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई.



सुबह 11 बजे
  • लाइफ स्पोर्ट एम्बुलेंस और रोहतक पीजीआई के डॉक्टर्स की एक टीम को सुनारिया जेल भेजा गया है
  • राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है
  • एंबुलेंस और डॉक्टर्स की टीम को भेजने के पीछे की वजहों का पता नहीं चल पाया है
  • खबर है कि राम रहीम के रूटीन चेकअप के लिए डॉक्टर्स की टीम सुनारिया जेल गई है



सुबह 10.30 बजे
  • रामचंद्र के बेटे अंशुल छत्रपति कोर्ट पहुंचे
  • दोनों पक्ष के वकील भी कोर्ट पहुंचे
  • सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई
  • नाकेबंदी कर की जा रही है वाहनों की चेकिंग
  • भारी संख्या में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात



रोहतक जेल में बंद है राम रहीम
इस वक्त राम रहीम साध्वी यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. फिर से पंचकूला हिंसा वाला इतिहास ना दोहराया जाए इसलिए सरकार और प्रशासन ने कमर कसी. पंचकूला, रोहतक, सिरसा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

सुनारिया जेल की सुरक्षा बढ़ाईरोहतक की सुनारिया जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जेल परिसर को डबल लेयर सुरक्षा दी गई. जवानों को आधुनिक हथियार दिए गए. एसपी जशनदीप रंधावा ने कहा कि जेल के पास चार नाके लगाए. पुलिस जवानों को सख्त निर्देश दिए गए गए कि बिना चेकिंग के कोई अंदर ना आए.


पंचकूला में की गई नाकाबंदीवहीं पंचकूला में प्रशासन और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे. सीबीआई कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने नाकाबंदी की और सभी आने जाने वाले वाहनों को चेक किया. शहर के चारों तरफ नाकाबंदी की गई. कोई अनहोनी ना हो उसे लेकर चेकिंग की गई.

चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर
सिरसा में राम रहीम का डेरा है. लिहाजा बड़े तादाद में समर्थक वहां पहुंच सकते हैं. इस बार कोई हिंसात्मक घटना ना हो इसलिए सिरसा में भी चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया. नाका लगाकर चेकिंग अभियान चलाया गया. रोहतक में ड्रोन से हर गतिविधि पर नजर रखी गई.

रोहतक को चारों तरफ की गई नाकाबंदी, डबल लेयर सुरक्षा में सुनारिया जेल परिसर

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी पहले पुलिस डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की कोर्ट में पेशी को लेकर परेशान थी. लेकिन बाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही इस मामले में उसे पेश करने का फरमान जारी किया गया. जिससे पुलिस को राहत मिल गई लेकिन डेरा सच्चा सौदा, सुनारिया जेल और विशेष अदालत की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित नजर आई.


पुलिस ने अदालत से लगाई थी गुहार
पुलिस को डर था कि अगर राम रहीम को पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में फिजिकली पेश किया गया तो ऐसे में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. डेरा समर्थक बेकाबू हो सकते हैं. इसी के चलते हरियाणा सरकार ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट में अपील की थी. जिसे अदालत ने मान लिया. कोर्ट ने पुलिस और सरकार को बड़ी राहत देते हुए राम रहीम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने की इजाजत दे दी.


जज जगदीप सिंह सुनाएंगे सजा
16 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह पूरी हुई है. काबिल-ए-गौर है कि साध्वी दुष्कर्म मामले में गुरमीत सिंह राम रहीम को सजा सुनाने वाले जज जगदीप सिंह ही इस हत्याकांड में सजा सुनाएंगे.


जेल, डेरा और कोर्ट बने छावनी
पंचकूला हिंसा से सबक लेते हुए हरियाणा पुलिस इस बार खासी चौकसी बरती. इसी के मद्देनजर पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई.

सुनारिया जेल की डबल लेयर सुरक्षा
इसी तरह से रोहतक जिले में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए. खासकर रोहतक की सुनारिया जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया. वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया. इसी तरह से सिरसा के डेरा सच्चा सौदा को भी छावनी बना दिया गया. सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों ने वहां फ्लैगमार्च भी किया.
मालवा में सुरक्षा रही चाक चौबंद
पंजाब का मालवा क्षेत्र गुरमीत सिंह राम रहीम के प्रभाव वाला बड़ा इलाका है. यहां उनके समर्थकों की बड़ी तादाद है. इसी के मद्देनजर वहां के 8 जिलों में सुरक्षा बलों की 25 कंपनियां तैनाती की गई.

इसके अलावा बठिंडा और मानसा जिले में करीब 15 कंपनियों के 1200 जवान तैनात किए गए. ये दोनों जिले अति संवदेनशील माने जाते हैं. इसी प्रकार से फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, और फाजिल्का में 10 कंपनियों के 700 जवान तैनात किए गए.

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सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी कोटकपूरा, जैतो, बाघा पुराना और मोगा में तैनात किए गए. बरनाला में 150 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए. जबकि बरनाला के बाजाखाना रोड और धनौला रोड स्थित डेरे से जुड़े नामचर्चा घरों के बाहर 50-50 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए.
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड
डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले का आरोपी है. ये हत्याकांड 16 साल पुराना है. दरअसल, 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वो लगातार अपने समाचार पत्र में डेरे में होने वाले अनर्थ से जुड़ी ख़बरों को छाप रहे थे.

छत्रपति ने ही साध्वियों से दुष्कर्म के मामले का खुलासा किया था. छत्रपति ने अपने सांध्यकालीन समाचार पत्र 'पूरा सच' में इस संबंध में अनाम साध्वी का पत्र प्रकाशित किया था और पूरे मामले का खुलासा किया था.

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इस अखबार के जरिए रामचंद्र राम रहीम के काले कारनामों का पर्दाफाश करने लगे थे. जो राम रहीम को रास नहीं आए. आरोप है कि राम रहीम ने उनकी गोली मरवाकर हत्या करवा दी.
पत्रकार के परिवार ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. उनकी याचिका पर अदालत ने इस हत्याकांड की जांच नवंबर 2003 को सीबीआई के हवाले कर दी थी. 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करते हुए डेरा मुखी गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था.



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