• A
  • A
  • A
20 साल इंतजार के बाद इस जिले को मिले दो कैबिनेट मंत्री

खरगौन। कहते है इतिहास अपने आप को दोहराता है. कुछ ऐसा ही हुआ है कमलनाथ सरकार में. कांग्रेस सरकार के अस्तित्व में आते ही जिले को दो कैबिनेट मंत्री मिले हैं. ऐसे ही दो मंत्री दिग्विजय सिंह की सरकार में नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव और कैबिनेट मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ हुआ करते थे. बीच में 15 सालों तक भाजपा की सरकार रही लेकिन खरगौन से कोई मंत्री नहीं बना.

डिजाइन फोटो.


इस बार के चुनाव में भाजपा को नकारते हुए जनता ने कांग्रेस के नेतृत्व को स्वीकार किया. कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के अस्तित्व में आते ही एक बार फिर नर्मदा के किनारे बसी दो विधान सभा क्षेत्रों कसरावद और महेश्वर को प्रतिनिधित्व देते हुए कमल सरकार ने विजयलक्ष्मी साधौ और सचिन यादव को कैबिनेट मंत्री बनाया कर कांग्रेस का इतिहास दोहराया है.

पढ़ें:पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या जैसी फिर रची जा रही साजिश!
कांग्रेस कार्यकाल में यह तीसरा मौका है जब खरगोन दो मंत्री मिले हैं. वर्ष 1993 और 1998 में कांग्रेस के कद्दावर नेता सुभाष यादव डिप्टी सीएम थे तब वे कसरावद विधायक थे. वहीं विजयलक्ष्मी साधौ को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जब शपथ दिलाने के लिए खड़ी हुई उसमें सबसे पहले नाम विजय लक्ष्मी साधौ था.
एक परिवार 11बार विधायक
विजयलक्ष्मी साधौ के परिवार का शुरू से ही कांग्रेस से गहरा रिश्ता रहा है. साथ ही उनके परिवार से 11 बार माहेश्वर के विधायक बने हैं. उनके पिता सीताराम साधौ 1952 से 1885 तक छह बार विधायक रहे हैं. सीताराम साधौ संसदीय सचिव भी रह चुके हैं. साल 1985 में विजयलक्ष्मी साधौ ने पहली बार 26 वर्ष की उम्र में राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस विधायक बनीं. उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. साधौ दिग्विजय सरकार में साल 1993 में पर्यटन और संस्कृति मंत्री बनीं, 1998 में पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा शिक्षा और नर्मदा घाटी विकास मंत्री रह चुकी हैं.


CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  कारोबार

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  गैलरी

  टूरिज़्म

  MAJOR CITIES