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कंसाना को मंत्री नहीं बनाने पर पदाधिकारी ने छोड़ी कांग्रेस, बागी बने चुनौती?

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार तो बन गयी है, लेकिन बैशाखी पर खड़ी सरकार के लंबी रेस का घोड़ा बनने पर संशय है क्योंकि मंत्रिमंडल के गठन के बाद से बागी सुर बुलंद होने लगे हैं, जबकि विभागों के बंटवारे पर भी खींचतान मची है. हालांकि, दिल्ली में विभाग बंटवारे को लेकर मंथन जारी है.

कमलनाथ, सीएम, मध्यप्रदेश.


दरअसल, विंध्य अंचल के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह का शपथ समारोह में गैर-हाजिर रहना जहां सवालों के घेरे में हैं. वहीं, शपथ ग्रहण से पहले पिछोर विधायक केपी सिंह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये और मनावर विधायक व जयस प्रमुख हीरालाल अलावा ने भी बायकाट कर दिया और अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रहे हैं. अब सुमावली विधायक एदल सिंह कंसाना को मंत्री नहीं बनाये जाने से नाराज ब्लॉक अध्यक्ष मदन शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है.
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मदन शर्मा ने सीएम कमलनाथ को भेजे इस्तीफे में लिखा है मंत्रियों चयन में भारी असंतुलन है. एदल सिंह को मंत्री नहीं बनाए जाने से सर्व समाज गुस्से में है. इसका नुकसान कांग्रेस को 2019 में उठाना पड़ सकता है. शर्मा ने पत्र में लिखा है कि आगे और भी कई पदाधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं. साथ ही उन्होंने वादे के मुताबिक किसानों की कर्जमाफी और गोशाला की घोषणा करने पर सीएम का धन्यवाद किया.
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गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, कांग्रेस जहां बहुमत से दो कदम दूर है, वहीं बीजेपी बहुमत से 7 कदम दूर है, ऐसे में विधायकों की नाराजगी कांग्रेस के लिए संकट बन सकती है क्योंकि बीजेपी भी नाराज विधायकों को अपने साथ जोड़ने का मौका तलाश रही है. ऐसे में जरा सी चूक से बड़ा जोखिम उठाना पड़ सकता है.

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