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राफेल, संस्थाओं में हस्तक्षेप को लेकर राहुल ने प्रधानमंत्री पर बोला हमला

आइजोल/चंफई: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर निर्वाचन आयोग और सीबीआई जैसी संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने रिलायंस के अनिल अंबानी की मदद के लिये 30,000 करोड़ रूपये दे दिये जो ‘मनरेगा योजना के एक साल का खर्च’ है.

मिजोरम में जनसभा के दौरान राहुल गांधी.


भाजपा के वैचारिक सलाहकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि क्या सिर्फ आरएसएस से जुड़ा होना ही राज्यपाल या कुलपति होने के लिये पर्याप्त योग्यता है?

गांधी ने मिजोरम में कई चुनावी रैलियों को संबोधित किया जहां कांग्रेस पूर्वोत्तर के एक मात्र राज्य पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है. पार्टी राज्य में 2008 से सत्ता में है.

मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिये चुनाव 28 नवंबर को होंगे.
राफेल युद्धक विमान खरीद सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता का पैसा लूट कर इसका इस्तेमाल प्रचार पाने के लिये किया.

सरकार ने विपक्षी दल के इन आरोपों को खारिज किया है.

गांधी ने दावा किया, ‘मोदी सरकार योजना आयोग, आरबीआई, सीबीआई और निर्वाचन आयोग के कामकाज में हस्तक्षेप कर रही है. उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों ने कहा था कि वे सरकारी हस्तक्षेप की वजह से अपना काम नहीं कर सकते.’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘राज्यपाल या किसी विश्वविद्यालय का कुलपति बनने के लिये संघ का आदमी होना पर्याप्त योग्यता है.’
इससे पहले दिन में चंफई में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से 30,000 करोड़ रूपये अनिल अंबानी को दिये. यह पूरे देश में मनरेगा के लिये एक साल का खर्च है.’

गांधी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच समझौते के तथ्य पूर्व फ्रेंच राष्ट्रपति ने बताए थे. राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने संप्रग के 526 करोड़ रूपये प्रति विमान की कीमत के मुकाबले 1600 करोड़ रूपये प्रति विमान की कीमत तय की वह भी इस शर्त पर कि, ‘ठेका सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल के बजाए अनिल अंबानी को दिया जाएगा.’
उन्होंने चंफई में कहा, ‘‘यहीं से नरेंद्र मोदी को मार्केटिंग के लिये सारा रूपया मिलता है. जब भी आप मोदी को अगली बार टीवी पर देखें तो याद रखिये यह आपका और भारतीय वायुसेना का पैसा है.’’
उन्होंने दावा किया कि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) आगामी चुनाव में भाजपा की साझेदार है.

उन्होंने कहा, ‘संघ और भाजपा समझते हैं कि मिजोरम में घुसने और यहां की संस्कृति बर्बाद करने के लिए उनके पास यही एक अवसर बचा है. उन्हें पता है कि वे अगला लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाएंगे.’

कांग्रेस आरोप लगा रही है कि एमएनएफ और भाजपा त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में चुनाव के बाद गठबंधन करेंगे. हालांकि दोनों ही दल इस दावे को खारिज कर चुके हैं.

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