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मिजोरम चुनाव : लगभग 75 फीसदी वोटिंग, सात फीसदी कम

आइजोल : मिजोरम में नई विधानसभा के लिए आज मत डाले जा रहे हैं. कड़ी सुरक्षा के बीच 40 सीटों के लिए मतदान कराए गए. करीब 7.7 लाख मतदाताओं ने 209 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में कैद कर दिए. मतों की गिनती 11 दिसंबर को होगी.

फोटो सौ. ANI


मिजोरम में इस बार मतदान के प्रतिशत में सात प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गयी. मतदान के बाद चुनाव उपायुक्त सी बी कुमार और सुदीप जैन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. अधिकारियों ने बताया कि मिजोरम में शाम पांच बजे तक 75 प्रतिशत मतदान हुआ.

मिजोरम में इस बार मतदान का प्रतिशत (75 प्रतिशत) पिछले दो चुनावों की तुलना में कम रहा. चुनाव उपायुक्त सुदीप जैन ने पिछले दो विधानसभा चुनाव के आंकड़े भी बताए.
  • 2013 के विधानसभा चुनाव में 83.41 प्रतिशत
  • 2008 के विधानसभा चुनाव में 82.35 प्रतिशत
  • 2014 के लोकसभा चुनाव में मिजोरम में 61.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था.
सुदीप जैन ने बताया कि मिजोरम की दस विधानसभा सीटों पर 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ. सर्वाधिक 85 प्रतिशत मतदान तुइकुम विधानसभा क्षेत्र में हुआ.

जैन ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान रहा और इस दौरान निर्वाचन नियमों के उल्लंघन की मोबाइल एप ‘सी विजिल’ के मध्यम से 66 शिकायतें दर्ज की गयी.

66 शिकायतों में से 52 का तत्काल प्रभाव से निस्तारण कर दिया गया जबकि सात मामलों में जांच जारी है. सात अन्य मामले लंबित हैं.

शाम चार बजे तक 71 फीसदी मतदान हुआ है. ये जानकारी राज्य निर्वाचन अधिकारी आशीष कुंद्रा ने दी. अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदान समाप्त हो गया है.

अपडेट
  • वर्तमान मुख्यमंत्री लालथान्हवाला ने कांग्रेस की जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि वे पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे.


  • तीन बजे तक 58 फीसदी मतदान
  • दोपहर एक बजे तक 49 फीसदी मतदान होने की खबर मिली है.
  • सुबह के 11 बजे तक 29 प्रतिशत मतदान हुआ है.
  • राज्य में लोग बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा ले रहे हैं.
  • राज्य में सुबह-सुबह कई मतदान केन्द्रों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं.
  • पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के प्रमुख ज़ोरामथांगा भी सुबह सात बजे वोट डालने पहुंचे.
  • ज़ोरामथांगा आइजोल नार्थ दो निर्वाचन क्षेत्र में राम्ह्लूं मतदान केन्द्र पर वोट देने पहुंचे.
  • 106 वर्ष की महिला मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंची.


  • शुरुआती दौर में 15 फीसदी मतदान होने की खबर मिली.
  • उत्तरी त्रिपुरा जिले के छह राहत शिविरों से ब्रू मतदाता मिजोरम-त्रिपुरा सीमा पर स्थित कन्ह्मुं गांव पहुंचे, जहां सुबह छह बजे 15 अस्थायी मतदान केंद्र बनाए गए थे.
  • मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए मतदाताओं को अंतरराज्यीय सीमा से 500 मीटर तक चलना पड़ा.
  • मिजोरम में कुल 209 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.


बता दें कि राज्य में जहां एक ओर मुख्यमंत्री ललथनहवला तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में जुटे हैं वहीं भाजपा की कोशिश पूर्वोत्तर में कांग्रेस को उसके आखिरी गढ़ से उखाड़ फेंकने की है.

चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ जो शाम चार बजे तक चलेगा.

मिजोरम में कुल 7,70,395 मतदाता हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 3,94,897 है. कुल 209 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है, जिनमें केवल 15 महिलाएं हैं.
चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस बल के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 40 कंपनियां तैनात की गई हैं.

प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक मतदान केन्द्र केवल महिलाओं के लिए बनाया गया है, जहां महिला कर्मियों को ही तैनात किया गया है. इन मतदान केन्द्रों का नाम ‘डिंगडी’ (जो कि एक फूल है) रखा गया है.

सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी एमएनएफ ने सभी 40 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किये हैं जबकि भाजपा ने 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

चुनाव के मद्देनजर पड़ोसी देश म्यामां तथा बांग्लादेश और पड़ोसी राज्य त्रिपुरा, असम तथा मणिपुर से लगने वाली सीमाओं को रविवार से सील कर दिया गया है.

मिजोरम की जनता बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा ले रही है. कान्हमुन में एक वृद्ध महिला वोट करने के बाद अपनी उंगली में लगी स्याही दिखाई.
मिजोरम के कान्हमुन में भारी संख्या में लोग मतदान करने के लिए जुटे. यहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
दूसरी तरफ अइजोल में युवाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.

दरअसल, सत्ताधारी कांग्रेस के सामने मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री जोरामथांगा की अगुवाई वाले मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की चुनौती है. कांग्रेस लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए जोर आजमाइश कर रही है.
सत्ता विरोधी लहर नहीं
40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में मुख्यमंत्री लाल थानहावला हैट्रिक लगाना चाह रहे हैं. उन्होंने दावा किया है कि उनकी सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है.

पढ़ें:तेलंगाना का घोषणापत्र लोगों की भावनाओं को दर्शाता है: कांग्रेस
अधिकांश सत्ता कांग्रेस की
मुख्यमंत्री दो सीटों सेरछीप और छंपाई दक्षिण से चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस यहां 1987 में राज्य को पूर्ण दर्जा मिलने के बाद से 1998 से 2008 के बीच के वर्षों को छोड़कर सत्ता में रही है.

कांग्रेस की सत्ता
बता दें कि मिजोरम पूर्वोत्तर का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस सत्ता में है. इसके अलावा कांग्रेस पंजाब, केंद्रशासित पुड्डचेरी और कर्नाटक में (जनता दल-एस के साथ) सत्ता में है.

मुख्य मुकाबला दो दलों के बीच
यहां मुकाबला मुख्यत: कांग्रेस और मिजो नेशनल फ्रंट के बीच है, हालांकि भाजपा भी यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाह रही है.

पढ़ें:भाजपा मध्य प्रदेश, राजस्थान में हारेगी : ममता
बीजेपी पर रहेंगी नजरें
केंद्र में वर्ष 2004 में मोदी सरकार के आने के बाद से भाजपा ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपना पांव पसारना शुरू किया है. इस ईसाई बहुल इलाके में भाजपा के प्रदर्शन को काफी उत्सुकता के साथ देखा जाएगा.

एक दूसरे पर जमकर हुए हमले
इससे पहले सोमवार को चुनाव प्रचार अभियान थमने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक दूसरे पर तीखे हमले किए.

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