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गहलोत के मुख्यमंत्री बनते ही सरहदी जिले में बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलने की जागी उम्मीदें

जैसलमेर। विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अशोक गहलोत प्रदेश की कमान संभाल चुके हैं. गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही प्रदेश में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल है. ऐसे में सरहदी जिले जैसलमेर को भी गहलोत से काफी उम्मीदें हैं.

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दरअसल भाजपा सरकार में ठप्प हो चुके प्रोजेक्ट और पर्यटन को बढावा देने के लिए सरहदी जिले जैसलमेर के वांशिदों को प्रदेश के मुखिया गहलोत से काफी उम्मीदें हैं. मारवाड़ की शान होने के कारण गहलोत का जैसलमेर से विशेष लगाव है. गहलोत अपने पिछले मुख्यमंत्री कार्यकाल के समय में जैसलमेर को काफी सौंगातें दे चुके हैं. मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण के साथ ही जैसलमेर में सीमेंट, फैक्ट्री, चिकित्सा, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में सुधार की संभावनाएं जगी हैं. सरकारी कार्यालय में रिक्त पदों से हो रही समस्याओं का निजात भी गहलोत सरकार से जैसलमेर की जनता उम्मीदें लगाए बैठी है.
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विंड मील और सोलर उर्जा का हो सकता है विकास
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा 1998 में जैसलमेर में विंड मील और सोलर उर्जा के क्षेत्र में विस्तार किया गया. उसके बाद 2013 में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में विंड मील और सोलर उर्जा के प्रोजेक्ट ठप्प हो गए. अब संभावनाएं लगाई जा रही हैं कि एक बार फिर से गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद विंउ मील और सोलर उर्जा के क्षेत्र में सरहदी जिला नई उंचाईयों को प्राप्त करेगा.

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पर्यटन विकास के साथ ही सीमेंट फैक्ट्री की खुल सकती है राह
पर्यटन नगरी के नाम से विश्वविख्यात स्वर्णनगरी को पर्यटन विकास के क्षेत्र में गहलोत सरकार से काफी उम्मीदें जगी हैं. स्वर्णनगरी में पर्यटन स्थलों पर विशेष बजट देने के साथ ही नए पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर पर्यटन व्यवसाइयों को गहलोत सरकार से काफी उम्मीदें हैं. वहीं जिले में सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए उपयुक्त लाइम स्टोन के अथाह भंडार हैं. सोनू से लेकर सम तक के बीच करीब 34 सीमेंट ब्लाक आरक्षित हैं. पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में सीमेंट फैक्ट्रियों के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन, पिछली सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. अब एक बार फिर से गहलोत सरकार से नई उम्मीदें जगी हैं.


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