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युवा दिवस विशेषः प्रेरणा देते हैं स्वामी विवेकानंद के ये विचार, बदल देंगे आपकी जिंदगी

रायपुरः आज पूरा देश स्वामी विवेकानंद की 156वीं जयंती मना रहा है. हर साल 12 जनवरी को उनकी जयंती मनाई जाती है. इस दिन को पूरे देश में युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है. स्‍वामी विवेकानंद ऐसे महापुरुष हैं जिनके विचार आज भी लोगों को प्रेरणा देते हैं.

डिजाइन इमेज.


स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी साल 1863 को कलकत्ता में हुआ था. उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था. स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में भाषण दिया था. इस भाषण में दुनिया भर से अलग-अलग धर्मों के विद्वानों के सामने इन्होंने वेदांत का ऐसा ज्ञान दिया कि पूरा संसद तालियों से गूंज उठा और भारतवासियों का सिर गर्व से ऊंचा उठ गया. उनके जन्म को पूरा राष्ट्र ‘युवा दिवस’ के
रूप में मनाता है.
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आइए जानते हैं स्वामी विवेकानंद के कुछ अनमोल विचार...
  • उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए.
  • बाहर की दुनिया बिल्कुल वैसी है, जैसा कि हम अंदर से सोचते हैं. हमारे विचार ही चीजों को सुंदर और बदसूरत बनाते हैं. पूरा संसार हमारे अंदर समाया हुआ है, बस जरूरत है चीजों को सही रोशनी में रखकर देखने की.
  • अगर पैसा मनुष्यों की अच्छे काम करने में मदद करता है तो पैसा महत्वपूर्ण है, पर अगर वह दूसरों की मदद नहीं करता तो फिर यह पैसा किसी काम का नहीं सिवाय एक बुराई के. इसीलिए इससे जितनी जल्दी पीछा छूटे, उतना ही अच्छा.
  • सबसे पहले यह अच्छे से जान-समझ लो कि हर बात के पीछे एक मतलब होता है. इस दुनिया की हर चीज बहुत अच्छी है, पवित्र और सुंदर है. अगर आपको कुछ बुरा दिखाई देता है तो इसका मतलब यह नहीं कि वो बुरा है. इसका मतलब यह है कि आपने उसे सही रोशनी में नहीं देखा.
  • तुम किसी को दोष मत दो. गर तुम अपने हाथ आगे बढ़ाकर किसी की मदद कर सकते हो तो करो, अगर नहीं कर सकते हो तो अपने हाथ बांधकर खड़े रहो. वालों को शुभकामनाएं दो और उन्हें उनके रास्ते जाने दो. दोष देने वाले कोई नहीं होते हैं.
  • कभी भी यह मत सोचो कि तुम्हारे लिए, तुम्हारी आत्मा के लिए कुछ भी नामुमकिन है. ह सोच ही सबसे ज्यादा दुखदायी है. र कोई पाप है, तो वो सिर्फ और सिर्फ अपने आपको या दूसरों को कमजोर मानना है.
  • तुम्हें अंदर से सीखना है सबकुछ. तुम्हें कोई नहीं पढ़ा सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता. अगर यह सब कोई सिखा सकता है तो यह केवल आपकी आत्मा है.
  • सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए, पर किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़ना चाहिए.

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