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जगदलपुर: राज्य सरकार को हो सकता है बड़ा नुकसान, इस तरह धान खपाने में लगे बिचौलिए

जगदलपुर: जिले के धान खरीदी केंद्रों में इस समय धान की खरीदी का काम चल रहा है. एक ओर जहां सरकार ने किसानों का ध्यान रखते हुए कर्ज माफी और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपये कर दिया है वहां दूसरी ओर बिचौलिए सीमावर्ती इलाकों में मौजूद खरीदी केंद्रों में ओडिशा से बड़ी मात्रा में धान खपाने में लगे हुए है. इससे राज्य सरकार को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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बस्तर में धान खरीदी शुरू होने के साथ ही पड़ोसी राज्य ओडिशा के संग्रहण केंद्रों में धान खपाने का सिलसिला शुरू हो गया हैं. धान खरीदी खत्म होने का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है बिचौलिए बड़ी मात्रा में इन खरीदी केंद्रों में धान खपाने की कोशिश में जुट गए हैं. जानकारी के मुताबिक ओडिशा में किसानों से काफी कम दामों पर धान की खरीदी किए जाने से बड़ी संख्या में किसान अपना धान बिचौलियों को बेच देते हैं और बिचौलिए धान खरीदी केंद्र प्रभारियों के साथ मिलकर इन धान को खपा देते हैं.

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हालांकि इस धांधली को रोकने के लिए हर बार जिला कलेक्टर निगरानी टीम गठित करती है साथ ही केंद्रों में नगर सैनिक बल को भी तैनात किया जाता है. लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण बिचौलिए आए दिन बड़ी मात्रा में धान खपाने में लगे रहते हैं. निगरानी समिति के अध्यक्ष और खाद्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि धान खरीदी के शुरू होने के साथ ही अब तक इस तरह के 22 प्रकरण पर कार्रवाई की गई हैं. साथ ही दो खरीदी प्रभारी की संलिप्तता को देखते हुए उनका तबादला भी कर दिया गया है.
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निगरानी समिति टीम बनाकर लगातार खरीदी केंद्रों में नजर रखी हुई है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर निगरानी टीम सिर्फ खानापूर्ति कर रही है. कार्रवाई के दौरान पकड़ाए गए बिचौलियों और प्रभारियों को बड़े ही आसानी से छोड़ दिया जाता है जिससे वो बार-बार इस तरह के धांधली करते रहते है.



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