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जल्द ही 'कमल' को पैरों तले रौंदते दिखेगी जनता : केके मिश्रा

भोपाल। नियमितीकरण की मांग कर रहे संविदा कर्मियों की नाराजगी और विरोध अब लगातार बढ़ता जा रहा है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे ही अब कर्मचारियों का आक्रोश सड़कों पर देखा जा रहा है। लोग अपना विरोध जताने के लिए भी अनूठे तरीके निकाल रहे हैं।

वीडियो।


सागर जिले में एक परिवार ने बेटी की शादी के कार्ड पर 'हमारी भूल कमल का फूल' छपवाया है जो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।


सरकार को आइना दिखा रही जनता
इस मामले में कांग्रेस का कहना है कि जनता सरकार को आइना दिखा रही है। जो विश्वास वोट देते समय नागरिकों ने भाजपा से जताया था, वह विश्वास अब टूटने लगा है। उसका मुख्य कारण है वादाखिलाफी, क्योंकि जो वादे करके भाजपा सरकार में आई वह वादे उन्होंने अब तक पूरे नहीं किए हैं।

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पहले भी हो चुका है विरोध
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि 'कमल का फूल हमारी भूल' यह आवाज सिर्फ मध्यप्रदेश से नहीं बल्कि गुजरात के चुनाव में भी जीएसटी और नोटबंदी के शिकार व्यापारियों ने दोहरा कर सरकार के प्रति अपना विश्वास और आक्रोश व्यक्त किया था।

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भाजपा ने किया जनता से धोखा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है कुछ दिनों बाद कमल के फूल को पॉलिश करने वाले हर नागरिक इस फूल को अपने पैरों से रौंदता हुआ दिखेगा क्योंकि समाज का हर वर्ग जिसने कथित तौर पर अच्छे दिन की बात पर विश्वास कर एक ऐसी राजनीतिक पार्टी को सत्ता पर काबिज किया था। जिसमें हर मुद्दे पर भोली-भाली जनता के साथ छल और कपट किया है। मिश्रा ने कहा कि छल और कपट अधिक दिनों तक नहीं चलता है। उस की कलाई तो खुलती है और यही कारण है कि आप लोगों का आक्रोश दिखने लगा है। अब शनै-शनै सरकार की कलई खुल रही है।

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सरकार का असली चेहरा
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि सरकार का चेहरा अब सभी के सामने उजागर होने लगा है। कर्मचारी विरोधी सरकार के प्रति लोगों का आक्रोश जाहिर होने लगा है। अनुराग ने अपनी बहन की शादी के कार्ड में यह स्लोगन लिखवाया हैं।

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चुनावी वर्ष है ऐसे में इस तरह के स्लोगन कहीं न कहीं सरकार के प्रति घातक सिद्ध हो सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार सामने आने वाली परेशानियों का सामना कैसे करती है।

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