• A
  • A
  • A
आपसी सहमति से अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर: उमा भारती

भोपाल। अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के बाद से चल रहे विवाद को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सिर्फ जमीन का विवाद बताया है, उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि अब आस्था का विवाद नहीं रहा, बल्कि यह जमीन के मालिकाना हक में बदल गया है। जिसका फैसला कोर्ट के बाहर ही हो जाना चाहिए क्योंकि अब आस्था तो प्रमाणित हो चुकी है।

बयान देती उमा भारती।


उमा भारती ने पत्रकार वार्ता के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसी दौरान राम जन्मभूमि को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है जिसमें विवादित जगह को रामलला की जन्मूमि बताया गया है। अब विवाद सिर्फ जमीन का मालिकाना हक रह गया है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना बाकी है।


पढ़ेंःअगले तीन साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ूंगी: उमा भारती

उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। पहले वाजिद अली शाह के समय वहां भजन कीर्तन होता था। लेकिन अंग्रेजों ने लड़ाई करवा दी। आजादी के बाद मामला न्यायालय में पहुंच गया। वहां ताले खुले तो बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी बनी। जिसमें नेताओं के सदस्य बनने से मामला राजनीतिक हो गया।

पढे़ंःमप्र उपचुनाव में सिंधिया को 'अभिमन्यु' बनाने की रणनीति!

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुनवाई 14 मार्च तक रोक दी है क्योंकि सभी दस्तावेजों का अनुवाद नहीं हुआ था, इसके बाद इस मामले में सुप्रीम कोर्ट दैनिक सुनवाई करेगा। वहीं चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने कहा था कि इस मामले को पूरी तरह 'जमीन का विवाद' मानकर ही सुनवाई की जायेगी।

CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  सहेली

  गैलरी

  टूरिज़्म

  MAJOR CITIES