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मीसाबंदियों का विरोध जारी, कहा- जहां से चुनाव लड़ेंगे कमलनाथ वहां से लोकतंत्र सेनानी करेंगे विरोध

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश में नई सरकार ने एक सर्कुलर जारी करते हुए मीसाबंदियों को दी जाने वाली पेंशन पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है. जिसके बाद से सरकार को विरोध का सामना करना पड़ रहा है. अब छिंदवाड़ा में भी मीसाबंदियों ने मंच लगाकर इस फैसले का विरोध किया है. मीसाबंदियों का कहना है कि सीएम कमलनाथ जहां से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे वहीं से उनके लोग विरोध करेंगे.

मीसाबंदियों का विरोध जारी.


छिंदवाड़ा में प्रेस वार्ता के दौरान लोकतंत्र सेनानी तपन भौमिक ने कहा मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आते ही लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बंद कर दी गई. यह पेंशन 25 जून 1975 से लेकर 21 मार्च 1977 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के किये अत्याचार के बाद राहत के लिए 2008 से मध्यप्रदेश शासन ने शुरु किया था. जिसके विरोध में उन्होने सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन और प्रदर्शन करने की बात कही. साथ ही कहा कि इस बारे में हम राजपाल को भी ज्ञापन सौंपेंगे और विशेष रूप से वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ जहां से भी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे हम वहीं से हमारे हजारों लोग उनका विरोध करेंगे.

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दरअसल नई सरकार के बनते ही जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि के नाम से दिये जाने वाली मीसाबंदियों के पेंशन को बंद कर दिया गया है. सरकार ने बैंकों को भी इससे संबंधित निर्देश दे दिए हैं. बता दें कि मीसाबंदी पेंशन को लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि के नाम से भी जाना जाता है. सर्कुलर के मुताबिक सरकार का मानना है कि लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि भुगतान की मौजूदा प्रक्रिया को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है. साथ ही लोकतंत्र सैनिकों का वेरिफिकेशन कराया जाना भी जरूरी है. बता दें कि कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 2326 मीसाबंदी हैं.


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