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मंडला: इस स्कूल में सिर्फ तीन बच्चों को पढ़ाते हैं दो शिक्षक, जानें क्या है इसकी वजह

मण्डला। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर एक ऐसा प्राथमिक स्कूल है जहां सिर्फ तीन बच्चों के लिए दो शिक्षक हैं. इस सरकारी स्कूल में हर साल एडमिशन की संख्या गिरने के बाद भी अभी तक इसे संचालित किया जा रहा है.

स्कूल में एक छात्रा को पढ़ाती शिक्षिका।


बिछिया विधानसभा क्षेत्र में आने वाले अंजनीया में शासकीय प्रथमिक कन्या शाला में दो शिक्षिकाएं हैं, स्कूल की बिल्डिंग में फर्नीचर भी है. यहां तक कि मिड-डे मील के लिए स्वसहायता समूह भी है. कमी है तो स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की. इस सरकारी स्कूल में सिर्फ तीन बच्चे ही पढ़ने आते हैं. शिक्षिका के अनुसार पिछले तीन सालों से स्कूल के आसपास प्राइवेट स्कूल खुल गए हैं इसलिए लोगों ने बच्चों का एडमिशन वहां नहीं करा रहे हैं. वहीं इस स्कूल के अब तक हो रहे संचालन पर सहायक आयुक्त शासन के नियमों की दुहाई देने लगे.

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उन्होंने बताया कि अगर प्राथमिक शाला में एक भी ऐडमिशन नहीं होगा तब भी 2 शिक्षक अनिवार्य है. वहीं माध्यमिक शाला के लिए 0% ऐडमिशन के बाद भी 3 शिक्षक की अनिवार्यता है. मध्यप्रदेश में सैकड़ों नहीं हजारों की तादात में ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां शिक्षकों की भारी कमी है. शासन के नियमों को देखकर लगता है कि सरकार को शिक्षा के अधिकार और इसके लिए बनाए गए नियमों पर गौर करने की जरूरत है.

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