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सूखी पड़ी लक्ष्मणा नदी का होगा पुनरुद्धार, जीर्णोद्धार करने गुरुवार को CM आएंगे सीतामढ़ी

सीतामढ़ी। जिले में 12 सालों से सूखी पड़ी लक्ष्मणा (लखनदेई) नदी के जीर्णोद्धार की प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नदी के जीर्णोद्धार को लेकर भूमि पूजन की प्रक्रिया भी हो चुकी है। के 15 फरवरी को सीएम नीतीश कुमार सोनवरसा प्रखंड के खाप खोपराहा गांव आएंगे।

सीएम करेंगे तीन योजनाओं का शिलान्यास


सीएम के आगमन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। खुशी की वजह भी बड़ी है। क्योंकि लक्ष्मणा नदी के पुराने दिन लौटने की उम्मीद जगी है। असल में शहर के बीचों-बीच गुजरनेवाली और पौराणिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जाने वाली लहनदेई नदी एक समय पूरे इलाके के लिए वरदायाणी के रूप में जानी जाती थी। पर भारत-नेपाल सीमा से लगे सोनबरसा के छोटी भाषर गांव में नई धारा बनाने के बाद पुरानी धारा सूखती चली गई।


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रास्ता बदलने से कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा
प्रत्येक साल नदी में उफान आने से क्षेत्र में भीषण बाढ़ आने लगी। किसान बताते हैं कि पानी उतर जाने के बाद भी जमीन इतनी सख्त रहती है कि उस पर खेती संभव नहीं हो पाता। वहीं क्षेत्र खाप खोपराहा, दुलारपुर, मुरहा, इटहराबा सहित दर्जनों गांवों में भारी तबाही होती रही।

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नदी के पुनरुद्धार के लिए लोगों ने किया संघर्ष
बताएं कि सालों से सूखी पड़ी इस नदी की उगाही को लेकर सक्रिय संघर्षरत और आंदोलनशील रहीं महिला शाहीन प्रवीण और शशिशेखर सिंह को राजीनीति और प्रशासनिक यातना का दंश झेलना पड़ा। आंदोलनकारी शशिशेखर सिंह को जिला बदर भी किया गया। वहीं, गांव के लोगों ने नदी उगाही को लेकर वर्षो से राम धुन की लगातार जाप कर रहे हैं। जो अभी भी जारी है।



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