• A
  • A
  • A
'रोजगार ही उपलब्ध नहीं होगा तो सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का क्या फायदा'

रोहतास: गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत के आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है. कई विपक्षी पार्टियों ने इसका समर्थन किया है, लेकिन इस बिल के लाने के समय और बीजेपी के मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी कहा है कि बीजेपी चुनावी फायदे के लिए ये घोखा भरा आरक्षण लेकर आई है.

उपेंद्र कुशवाहा, अध्यक्ष, आरएलएसपी


एनडीए छोड़ महागठबंधन में शामिल हुए उपेंद्र कुशवाहा ने गरीब अगड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन केंद्र सरकार पर कई तरह के इल्जाम भी लगाए. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देना, वो चुनाव के वक़्त ये जाहिर करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये चुनावी जुमेलाबाजी और धोखा भरा आरक्षण होगा.
इसे भी पढ़ें: 'स्वार्थ पर टिका है महागठबंधन, किसी को 4 तो किसी को 8 सीटें चाहिए'
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जब देश में रोजगार ही उपलब्ध नहीं होगा तो आरक्षण का फायदा आखिर किसे मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून बना देने से कोई फायदा होने वाला नहीं है. इससे किसी जाति को नहीं बल्कि सिर्फ बीजेपी को चुनाव में लाभ मिलेगा. हालांकि उन्होंने आरजेडी के इस आरक्षण का विरोध करने के सवाल पर कहा कि सभी पार्टी की अपनी-अपनी विचारधारा होती है.

इसे भी पढ़ें: '10 प्रतिशत आरक्षण नहीं बल्कि युवाओं को मोदी ने लॉलीपॉप थमा दिया है'
गौरतलब है कि सांसद में पिछले दिनों सवर्णों के लिए दस फीसदी आरक्षण का कानून पास किया गया था, जो राज्यसभा में भी पास हो गया. इसका विरोध गिनेचुने पार्टी के सांसदो ने ही किया, जिसमें आरजेडी के नेता शामिल थे. फिलहाल तय माना जा रहा है कि इस बिल पर राष्ट्रपति की मुहर भी लग जाएगी, उसके बाद ये कानून का शक्ल ले लेगा.

CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  कारोबार

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  गैलरी

  टूरिज़्म

  ASSEMBLY ELECTIONS 2018

  MAJOR CITIES