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AAP-BJP में तनातनी, मासूमों की शिक्षा पर हो रही है राजनीति

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच लगातार जुबानी जंग तेज होती जा रही है। दिल्ली नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता लगातार सीएम केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता (फाइल फोटो)


शनिवार को एक बार फिर विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार के सीएम द्वारा एक बच्चे के अभिभावक को भेजे गए बधाई पत्र पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के अन्तर्गत बच्चों को दाखिला तो मिला नहीं, लेकिन मुख्यमंत्री का बधाई पत्र जरूर मिला है।

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'सरकार फर्जीवाड़े पर चल रही है'

गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल निजी तौर पर हजारों अभिभावाकों को बधाई का पत्र भेज रहे हैं कि आपके बच्चे का दाखिला आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के अन्तर्गत अच्छे पब्लिक स्कूल में हो गया है। वे इसका श्रेय अपनी ईमानदार सरकार को दे रहे हैं। जबकि अनेक मामलों में स्थिति यह है कि बच्चे को वास्तविक रूप से इस श्रेणी के अन्तर्गत दाखिला मिला ही नहीं। बड़ी संख्या में बच्चे दाखिले से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि लगता है कि सारी सरकार फर्जीवाड़े पर चल रही है। यह तो जख्मों पर नमक छिड़कने वाली बात है।

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'निरन्तर गिरावट'
आगे विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सरकार के कार्यकाल में आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के अन्तर्गत बच्चों को अच्छे पब्लिक स्कूलों में दाखिले की संख्या में निरन्तर गिरावट आ रही है। वर्ष 2014-15 में इस श्रेणी के अन्तर्गत 31,000 बच्चों को दाखिला मिला। वर्ष 2015-16 और 2016-17 में मात्र 15,000 से 16,000 के करीब बच्चों को दाखिला मिला।

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'वोट बैंक की राजनीति से बचें'
इस प्रकार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लगभग 20,000 बच्चे इस श्रेणी में दाखिले से वंचित रह रहे हैं। विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे लोगों को झूठे आश्वासन न दें और वोट बैंक की राजनीति से बचें। उच्च और उच्चतर माध्यमिक कक्षा के परिणामों में निरन्तर गिरावट आ रही है। विद्यालयों में अध्यापकों के 30,000 पद खाली पड़े हैं। सरकार उनको भरने में अपने आप को अक्षम पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार झूठा श्रेय लेने से बचे और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कार्य करें।



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