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Exclusive Interview: यशवंत सिन्हा का मोदी सरकार पर प्रहार, कहा- इमरजेंसी जैसे हालात

नोएडा। पूर्व वित्तमंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा अपनी बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। वो कई बार अपनी ही सरकार की नीतियों पर कई गंभीर सवाल उठाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के जजों के मसले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने आज लोकतंत्र और उसके सभी अंगों पर ईटीवी भारत से खास बातचीत की....

भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा से खास बातचीत।


सवाल- लोकतंत्र के चार स्तम्भ है, हर स्तम्भ डरा हुआ है?
सवाल के जबाव में यंशवत सिन्हा ने इशारों-इशारों में एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जंगल से कोई शेर आ गया है और जिससे सब लोग डर है, सिर्फ मुझे छोड़कर।



भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा से खास बातचीत


जज विवाद पर उन्होंने कहा कि आजकल बहुत तरह की बातें हो रही हैं, जिसकी आजतक चर्चा भी नहीं होती थी। ये देश और देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा पैदा करने जैसा है। अगर भारत बचेगा, तभी देश का प्रजातंत्र बचेगा। उन्होंने कहा मेरा माना है कि इस समय असाधारण स्थिति पैदा हुई है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों के वक्तव्य से सबको सीख लेनी चाहिए। जिनको भी देश के प्रजातंत्र के बारे में या देश के भविष्य के बारे में चिंता हो। उन सब को भयमुक्त होकर आगे आना चाहिए। ताकि देश के प्रजातंत्र की रक्षा की जा सके।

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सवाल- ये कैसे संभव हो पाएगा?
इस सवाल पर यशवंत सिन्हा ने कहा लोकतंत को बचाने के लिए मुकाबला करना पड़ेगा।कभी-कभी जान पर भी खेलने की नौबत आ सकती है। देश में गुलामी जैसे हालात नहीं हुए हैं, लेकिन हो सकते है। अभी मौका है कि हम सब न केवल महसूस बल्कि जो महसूस करते हैं उसे व्यक्त भी करें।

सवाल- मौजूदा हालात इमरजेंसी से किस तरह अगल है?
उन्होंने कहा कि 1977 मे इमरजेंसी लगी थी। उस समय के संविधान के अनुसार। उन्होंने कहा कभी-कभी इमरजेंसी लग जाती है, डर पैदा करके। जिससे लोग डर जाते है। आज भी लोग डरे हुए है। इसीलिए कोई अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहा है।

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सवाल- जज मामले में राजनीतिक दलों के बयान आ रहे है, उसको आप जायज मानते हैं?
उन्होंने कहा कि बयान तो आने चाहिए। हर सोचने वाले हिंदुस्तानी को इसके बारे मे चिंता करनी चाहिए। जब जज बोल रहे हैं तो क्या पॉलिटिकल पार्टी खामोश रह जाएगी। उन्होंने कहा ये क्या बात हुई कि इसंमे राजनीति नहीं होनी चाहिए। तो फिस किस मुद्दों पर राजनीति करनी चाहिए?पेड़ पौधो या जंगली जानवरों के साथ राजनीति करे?। उन्होंने कहा कि राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा आज पेश हो गया है। अगर राजनीति का अर्थ है प्रजातंत्र की सुरक्षा करना है तो ये राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा आज के दिन है।

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