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HC से ED को लगी फटकार, कहा- वसुंधरा के बेटे-ललित मोदी के बीच लेनदेन की 10 दिनों में करें जांच

नई दिल्ली: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत्र, बहु निहारिका और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की कंपनियों के बीच शेयरों के लेनदेन की जांच के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की. सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि 10 दिनों में इस जांच को पूरा करें.

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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान ईडी ने हाईकोर्ट को एक रिपोर्ट दी और कहा कि हम इस मामले की जांच 10 दिनों में पूरी करेंगे. ईडी ने वो रिपोर्ट याचिकाकर्ता पूनम चंद भंडारी को ये कहते हुए नहीं दी कि ये रिपोर्ट गोपनीय है. उसके बाद कोर्ट ने कहा कि आप 10 दिनों में जांच पूरी करें. याचिकाकर्ता पूनम चंद भंडारी ने कहा कि हमें नहीं लगता कि ईडी 10 दिनों में जांच पूरी करेगी लेकिन हम 10 दिन इंतजार करेंगे और अगर जांच पूरी नहीं हुई तो हम दोबारा हाईकोर्ट जाएंगे.
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बेंच ने ईडी को फटकार लगाई
पिछले 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली बेंच ने ईडी को फटकार लगाते हुए पूछा था कि अब तक जांच पूरी क्यों नहीं हुई. कोर्ट ने 12 अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ता के वकील पूनम चंद भंडारी के मुताबिक वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत और पुत्रवधु निहारिका ने 2007 में नियंत होटल्स के नाम से कंपनी खोली थी. ललित मोदी की कम्पनी आनंदा होटल्स ने 3 करोड़ 79 लाख को लोन था दिया और फिर नियंत होटल के 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 96 हजार रुपये चुकाए थे.
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22 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए थे
याचिकाकर्ता के मुताबिक मॉरीशस की विलिंगटन कंपनी ने ललित मोदी की आनंदा होटल्स को 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 22 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए थे. जांच में पता चला कि इस राशि का एक हिस्सा दुष्यंत की फर्म नियंत होटल्स को दिया गया था. इसकी जांच के लिए वकील भंडारी ने पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान ईडी ने हाईकोर्ट से कहा था कि हम इसकी जांच कर अंतिम निर्णय तक पहुंचा देंगे लेकिन ईडी ने जांच में कोई प्रगति दिखाई. उसके बाद याचिकाकर्ता ने कई बार ईडी को नोटिस दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. तब उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद हाईकोर्ट ने ईडी से 12 अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था.

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