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RTI से हुआ बड़ा खुलासा: अगर मेट्रो में हुआ कोई हादसा तो नहीं मिलेगा मुआवजा

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो दुनिया की सबसे बड़ी मेट्रो रेल प्रणालियों में से एक है. पूरी दिल्ली में मेट्रो का जाल बिछा हुआ है जिसमें रोजाना करीब 40 लाख यात्री सफर करते हैं. दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की लाइफ लाइन को आसान बना दिया है. राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने में मेट्रो की बहुत बड़ी भागीदारी है.

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पिछले सोलह सालों में मेट्रो को कई लाइनों पर अलग-अलग रंग के हिसाब से अंकित कर चलाया जा रहा है. दिल्ली मेट्रो पर कई बड़े सवाल उठ रहे हैं. दिल्ली मेट्रो दुनिया की परिवहन सेवाओं में से एक है जो बहुत ही सुनियोजित तरीके से संचालन कर रही है, लेकिन उसके बावजूद भी दिल्ली मेट्रो उपभोक्ता फोरम के अंतर्गत नहीं आती. जबकि दुनिया की सभी परिवहन व्यवस्था हवाई जहाज, रेल यातायात, बस यातायात अन्य सरकारी परिवहन सेवाएं उपभोक्ता फोरम के अंतर्गत आती हैं.
दिल्ली मेट्रो उपभोक्ता फोरम के अंतर्गत नहीं आती
आरटीआई एक्टिविस्ट को एक आरटीआई में ऐसा जवाब मिला है. जिसमें दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने जवाब दिया है कि दिल्ली मेट्रो उपभोक्ता फोरम के अंतर्गत नहीं आती. इसका मतलब साफ है कि यदि मेट्रो में कोई भी हादसा होता है तो उसके एवज में लोगों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा. जबकि हवाई जहाज, रेल, बस आदि सफर के दौरान होने वाले हादसों के बाद केंद्र सरकार या राज्य सरकार और उससे संबंधित मंत्रालय पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देता है. जबकि दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के अंतर्गत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.


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आरटीआई में मांगा गया था जवाब
आरटीआई एक्टिविस्ट हरपाल राणा ने बताया कि उन्होंने 2015 में दिल्ली मेट्रो, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से आरटीआई के तहत जवाब मांगा था कि दिल्ली मेट्रो उपभोक्ता फोरम के अंतर्गत क्यों नहीं आती. इसका जवाब तय करने में संबंधित अधिकारियों ने 3 साल का समय लिया और उसके बाद भी एक ऐसा जवाब देकर सभी को चौंका दिया कि दिल्ली मेट्रो को उपभोक्ता श्रेणी में रखना विधायिका के अधिकार क्षेत्र में निहित है. जबकि दिल्ली मेट्रो में आपको पानी पीने के लिए अलग से पैसा देना पड़ता है. यदि आप दिल्ली मेट्रो का शौचालय यूज करते हैं तो उसके लिए आपको अलग से चार्ज देना पड़ता है. मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन, जयपुर रेल कारपोरेशन और लखनऊ रेल कॉरपोरेशन के अंतर्गत ऐसा नहीं है ऐसा जवाब आरटीआई में मिला है. दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन की सलाह पर देश में मेट्रो के काम के लिए दिशा निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन उन्ही निर्देशों का दिल्ली मेट्रो खुद ही पालन नहीं करती.

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