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अगर केंद्र सरकार ने अपनाया केजरीवाल का फार्मूला तो परेशान हो जाएगी दिल्ली- माकन

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के अस्पताल में आरक्षण को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जिस तरह से दिल्ली में अस्पताल के अंदर आरक्षण किया है, अगर उसी तरह से केंद्र सरकार ने भी आरक्षण कर दिया तो दिल्लीवालों के लिए बेहतर उपचार पाना मुश्किल हो जाएगा.

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अजय माकन ने कहा कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले अस्पतालों में कुल मिलाकर लगभग 10145 बेड हैं. वहीं दिल्ली में मौजूद केंद्र सरकार के अस्पतालों में 11 हजार से ज्यादा बेड हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दिल्लीवालों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित कर दिए हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा कि अगर केंद्र सरकार भी इसके उलट जाकर 80 फीसदी बेड दिल्ली से बाहर के मरीजों के लिए आरक्षित कर दे तो दिल्ली के लोगों का क्या हाल होगा. उन्होंने बताया कि दिल्ली में केंद्र सरकार के 6 सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल हैं, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग उपचार के लिए जाते हैं. इन अस्पतालों में प्रत्येक वर्ष केंद्र सरकार 4 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि देती है.
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अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर हो जोर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए आरक्षण का रास्ता अपनाना पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर जोर देना चाहिए. उन्होंने बताया कि कांग्रेस जब सत्ता में आई तो उस समय दिल्ली में केवल 13 अस्पताल थे, लेकिन उन्होंने लगातार अस्पतालों की संख्या बढ़ाई और सत्ता छोड़ते समय इसकी संख्या को 36 तक पहुंचा दिया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल को भी चाहिए कि वह अस्पताल बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करें.
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हाई कोर्ट के फैसले को लेकर नहीं की टिप्पणी
हाई कोर्ट ने अस्पताल में आरक्षण संबंधी अरविंद केजरीवाल के फैसले पर रोक लगा दी है, लेकिन इसे लेकर अजय माकन ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की. उनका कहना है कि वह कोर्ट का आदेश पढ़ने के बाद ही कुछ कह सकते हैं. लेकिन वह इतना अवश्य कहेंगे कि इस तरह लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता. इसकी जगह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना चाहिए.

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