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CBSE एग्जाम: कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में सी++ और पाइथन में होगा विकल्प

नई दिल्ली: सीबीएसई ने कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में अहम बदलाव किए हैं. जिसके तहत 12वीं क्लास के कंप्यूटर साइंस के सिलेबस में पाइथन भाषा भी जोड़ दी गई है. 2 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में छात्रों को पाइथन भाषा या सी++ के सवालों में चुनाव करना होगा.

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बता दें कि दोनों ही कंप्यूटर भाषा हैं जिनके सवाल इस बार विकल्प में रखे जाएंगे. ज्ञात हो कि कंप्यूटर साइंस की परीक्षा की तारीख में भी बदलाव किया गया है. यह परीक्षा पहले 28 मार्च को होनी थी जो अब 2 अप्रैल को होगी.बता दें सत्र 2018-19 की शुरुआत में ही सीबीएसई ने सभी स्कूलों को 12वीं क्लास के कंप्यूटर साइंस के नए सिलेबस को लेकर नोटिस जारी कर दिया था. वहीं 9 मार्च 2018 को जारी हुए नोटिस में स्पष्ट लिखा था कि 12वीं क्लास के कंप्यूटर साइंस में पाइथन भाषा को शामिल किया गया है. सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि वे स्कूल में कंप्यूटर के छात्रों को पाइथन भाषा का ज्ञान दें.
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क्या है पाइथन भाषापाइथन भी एक प्रोग्रामिंग भाषा है पर सी++ और जावा की तुलना में इसकी कोडिंग सरल होती है. इस प्रोग्रामिंग भाषा के कोड को आसानी से पढ़ा और समझा जा सकता है. वर्तमान में पाइथन भाषा बहुत लोकप्रिय हो गयी है और कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर को विकसित करने के लिए अन्य प्रोग्रामिंग भाषा की जगह पाइथन का चुनाव कर रही हैं.
क्या है पाइथन भाषा की विशेषता
पाइथन प्रोग्रामर फ्रेंडली भाषा है जो सीखने में इतनी सरल है कि कुछ ही घंटों में इस भाषा का सिंटेक्स सीखा जा सकता है. साथ ही यह एक उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा है और स्वतंत्र रूप से डाउनलोड करके उपयोग की जा सकती है. जावा और सी++ की तुलना में पाइथन ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग करने के लिए बेहतर विकल्प है. इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि इसका कोड किसी भी प्लेटफार्म पर आसानी से चलाया जा सकता है.
सीबीएसई के संज्ञान में आया है कि सर्कुलर जारी करने के बावजूद सत्र 2018-19 में पाइथन भाषा कुछ ही स्कूलों में पढ़ाई गयी है. इसलिए 2 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में इस भाषा को विकल्प के तौर पर रखा गया है. इसके अगले सत्र से यह भाषा अनिवार्य रूप से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई जाएगी.
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बता दें कि सिलेबस में शामिल प्रोग्रामिंग भाषा की परवाह किये बिना कंप्यूटर साइंस की परीक्षा दे रहे छात्रों को सक्षम बनाने के लिए ही सीबीएसई द्वारा पाइथन भाषा को जोड़ा गया है. यह सीखने में भी अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं से सरल है और इससे छात्रों को भविष्य में रोजगार तलाशने में भी मदद मिलेगी.

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