• A
  • A
  • A
आतंकी हमलों में सैनिकों की जान गंवाने वाला भारत पाकिस्तानियों को दे रहा जिंदगी

नई दिल्ली। हर जंग में मात खाने के बावजूद पाकिस्तान लगातार भारत को चोट पहुंचाने की कोशिश करता रहता है। उसके भेजे आतंकियों और पाकिस्तानी गोलीबारी के कारण यहां के लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है, लेकिन भारत पाकिस्तान के लोगों की जान बचाने में जुटा हुआ है।

प्रतीकात्मक फोटो।


विदेशियों के लिए भारत बीमारी का इलाज कराने के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाता जा रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में भारत की ख्याति दुनिया में बढ़ती जा रही है। वर्ष 2016 में 1,678 पाकिस्तानियों और 296 अमेरिकियों समेत 2 लाख से अधिक विदेशियों ने भारत आकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में दुनिया भर के 54 देशों के 2,01,099 नागरिकों को चिकित्सा वीजा जारी किए गये। भारत ने 2014 में अपनी वीजा नीति को उदार बनाया है।


चिकित्सा पर्यटन 3 अरब डॉलर का होने का अनुमान
एक उद्योग मंडल द्वारा किए गये एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत के प्रमुख चिकित्सा स्थल के रूप में उभरने का प्राथमिक कारण विकसित देशों की तुलना में यहां काफी कम कीमत पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश का चिकित्सा पर्यटन 3 अरब डॉलर का होने का अनुमान है, जो 2020 तक बढ़कर 7-8 अरब डॉलर का हो सकता है।

सबसे ज्यादा चिकित्सा वीजा बांग्लादेशी को
आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में सबसे ज्यादा चिकित्सा वीजा बांग्लादेशी नागरिकों (99,799) को जारी किए गये। इसके बाद अफगानिस्तान (33,955), इराक (13,465), ओमान (12,227), उज्बेकिस्तान (4,420), नाइजीरिया (4,359) समेत अन्य स्थान है। इसी के साथ 1,678 पाकिस्तानियों, 296 अमेरिकियों, ब्रिटेन के 370 नागरिकों, रूस के 96 नागरिकों और 75 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को भी चिकित्सा वीजा जारी किया गया। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इनमें से कई वीजा तो ई-वीजा प्रणाली के तहत जारी किये गये। इसमें भारत पहुंचने से पहले यात्री आनलाइन यात्रा दस्तावेज प्राप्त कर लेते हैं। यह योजना 27 नवंबर 2014 को शुरू की गई थी।



CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  सहेली

  गैलरी

  टूरिज़्म

  اردو خبریں

  ଓଡିଆ ନ୍ୟୁଜ

  ગુજરાતી ન્યૂઝ

  MAJOR CITIES