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PAK वाया बांग्लादेश से हो रहा है मोदी के सपने का कत्ल! जानिए दुश्मन की 'गुलाबी साजिश'

नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश मिलकर जाली नोट छापकर उन्हें भारत में ही खपा रहे हैं। कैसे करते हैं ये जालसाजी भरा काम और कौन है इसके पीछे जानें इस खबर में...।

डिजाइन फोटो।


पाकिस्तान में भारत के जाली नोट छापकर उन्हें बांग्लादेश बॉर्डर के जरिये मालदा होते हुए दिल्ली में खपाया जा रहा है। यह खुलासा स्पेशल सेल के हाथ लगे शातिर आदमी ने किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से दो लाख रुपए के जाली नोट बरामद किए हैं।



स्पेशल सेल के हाथ लगा शातिर आदमी

डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार स्पेशल सेल की टीम जाली नोट खपाने वाले गिरोह को लेकर छानबीन कर रही थी। इस दौरान उन्हें पता चला कि पाकिस्तान में छपे जाली नोटों को भारत में बांग्लादेश के रास्ते भेजा जा रहा है। वहां से मालदा के रास्ते जाली नोटों की खेप भारत के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाई जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए स्पेशल सेल की टीम काम कर रही थी।

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मिंटो रोड पर आया था जाली नोट देने
रविवार को स्पेशल सेल के एसीपी गोविंद शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर संजय दत्त की टीम मिंटो रोड पहुंची। वहां से छापा मारकर पुलिस ने बिहार के मधुबनी निवासी 48 वर्षीय मोहम्मद मुमताज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से 2 हजार रुपए के 100 जाली नोट बरामद हुए। इस बाबत स्पेशल सेल थाने में मामला दर्ज किया गया।


बरामद किए गए नोट

कई राज्यों में खपाए जाली नोट

वर्ष 1994 से 2006 तक आरोपी दिल्ली में रहा था। इसलिए कि वो दिल्ली को सालों से जानता था, वह इस जगह पर नोट खपाने आया था। उसने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी जाली नोट खपाता रहा है।

आठ साल से कर रहा था तस्करी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2010 से जाली नोटों की तस्करी कर रहा है। उसके गांव में रहने वाला हाशिम नेपाल बॉर्डर के रास्ते जाली नोट लाकर उसे भारत में खपाता था। उसके साथ मिलकर ही वह तस्करी करने लगा। वर्ष 2010 में ही उसे बिहार पुलिस ने जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। 4 साल तक वह जेल में रहा।

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कई नोटों के सीरियल नंबर एक
आरोपी के पास से बरामद नोट बहुत ही अच्छी क्वालिटी के हैं। पहली नजर में इनके जाली होने का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। केवल कुछ सुरक्षा मानकों पर यह नोट खरे नहीं थे। इनमें से कुछ नोटों के सीरियल नंबर एक ही थे, जिससे यह साफ हो गया कि ये जाली नोट हैं।


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