• A
  • A
  • A
AgustaWestland: हेलिकॉप्टर खरीद की SIT जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज, BJP ने कहा- राजनीति से प्रेरित था विवाद

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्तावेस्टलैंड VVIP हेलिकॉप्टर की खरीद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई कथित गड़बड़ी की SIT जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। याचिका स्वराज अभियान ने दायर किया था।

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद मामला।


सुनवाई के दौरान जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा था कि वो ये बताएं कि इसके लिए सही तरीके से निविदा आमंत्रित की गई थी या नहीं। कोर्ट ने पूछा था कि हम ये जानना चाहते हैं कि आपने पब्लिक मनी के साथ गड़बड़ी तो नहीं की। निविदा के समय ही विदेश में खाता क्यों खोला गया।
कमीशन से CM के बेटे अभिषेक सिंह का खाता खुला।


ये भी पढ़ें: किराए की कोख से पैदा हुआ बच्चा तो भी मिलेगा मातृत्व अवकाश, केंद्र का बड़ा फैसला

पनामा पेपर्स में भी जिक्र
याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के आदेश पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास अनुशंसा भेजी गई कि अगस्तावेस्टलैंड के हेलिकॉप्टर खरीदे जाएं। उन्होंने कहा था कि हेलिकॉप्टर डील में जो कमीशन मिला उससे मुख्यमंत्री के बेटे अभिषेक सिंह का बैंक खाता वर्जिन आइलैंड में खोला गया। इसका जिक्र पनामा पेपर्स में भी है। खाता खोलते समय अभिषेक सिंह का पता वही है जो मुख्यमंत्री रमन सिंह के चुनावी हलफ़नामे में है।

ये भी पढ़ें: कांग्रेस नेता विनोद मेहरा हत्याकांड में आरोपियों के स्केच जारी

राजनीति से प्रेरित याचिका
केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि याचिकाकर्ता ने IT एक्ट का उल्लंघन कर दस्तावेज प्रस्तुत किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट रुल्स 2013 का जिक्र किया जिसके मुताबिक कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के स्रोत के बारे में जानकारी देनी होगी। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि याचिका अनुमानों पर आधारित है, इसमें कोई तथ्य नहीं है। केंद्र सरकार ने कहा था कि ये राजनीति से प्रेरित याचिका है और इस याचिका के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा सकती है। सरकार ने कहा था कि पीएसी और सीएजी की रिपोर्ट संसद और विधानसभाओं में पेश किया जाता है।

ये भी पढ़ें:
दुआ कीजिए इस बसंती से कभी पाला न पड़े, 65 की उम्र में भी कहर है बरकरार

जांच कराने की मांग
स्वराज अभियान ने याचिका दायर कर इन गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की प्रतिकूल रिपोर्ट मिली है, जबकि मीडिया रिपोर्टों से राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ में इस संदर्भ में हुई कथित गड़बड़ियों के संकेत हैं।
कोर्ट ने पिछले 31 जनवरी को इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  सहेली

  गैलरी

  टूरिज़्म

  اردو خبریں

  ଓଡିଆ ନ୍ୟୁଜ

  ગુજરાતી ન્યૂઝ

  MAJOR CITIES