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EXCLUSIVE- संसद कानून बनाए, तो खत्म हो सकता है NOTA

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा है कि स्टेट फंडिंग से चुनाव खर्च की समस्या का समाधान नहीं होगा. पैसा कहां से आएगा, कहां चला जाएगा, यह बिल्कुल ड्रेन की तरह होगा. इसलिए वर्तमान परिस्थिति में यह व्यव्स्था ठीक नहीं होगी.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत से खास बातचीत. देखें वीडियो.


ईटीवी भारत की दिल्ली ब्यूरो प्रमुख नंदिनी सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने नोटा को लेकर भी अपनी राय दी है.
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सवालः नोटा पर चुनाव आयोग की क्या राय है, क्या इसे खत्म कर देना चाहिए.
देखिए, नोटा को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लाया गया था. इसलिए अगर कोई कानून बनाया जाता है, तभी कुछ हो सकता है. इसे रखा जाए या नहीं. अन्यथा कुछ नहीं हो सकता है.
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फेक और पेड न्यूज से निपटने के लिए आयोग क्या कर रहा है.
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया के हेड से बात की है. हां, दिल्ली हाईकोर्ट का एक ऑर्डर है, इसके खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. इस पर कोई निर्णय आ जाता है, तो हम कुछ करेंगे. लेकिन हमारे पास अभी भी अपनी व्यवस्था है और उसके जरिए इस पर नियंत्रण रख रहे हैं.
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भारतीय चुनाव आयोग की दुनिया भर से तारीफ
देखिए, 1990 के बाद से भारत के चुनाव आयोग की भूमिका में जो बदलाव आया है, वह बहुत ही सराहनीय रहा है. पूरी दुनिया में भारतीय चुनाव आयोग के प्रबंधन के प्रति उत्सुकता रही है. वे हमारी व्यवस्था के कायल रहे हैं.
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