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DC युनूस बेसहारा महिलाओं के लिए बने 'मसीहा', जरूरी सामान देकर की मदद

कुल्लू: भरी जवानी में पति की मौत के बाद पहाड़ सी जिंदगी गुजर-बसर करने की चुनौती और सर पर नन्हे बच्चे के पालन-पोषण और पढ़ाई की जिम्मेदारी. ऐसे में बेचारी बदनसीब दीपा करे भी तो क्या करे.

डीसी युनूस महिलाओं की मदद करते हुए.


'बड़ी बेरहम होती है ये बदनसीबी, कमबख्त उम्र का लिहाज भी नहीं करती' किसी शायर के ये शब्द 26 वर्षीय दीपा की वर्तमान स्थिति पर बिल्कुल सटीक बैठते हैं. जिला मुख्यालय के ठीक सामने खराहल घाटी के गांव चंसारी की रहने वाली इस बेसहारा महिला के दर्द को देखकर कोई भी पत्थर दिल पिघल जाए.

करीब पांच महीने पहले पति राम चंद्र की मौत के बाद ऐसे हालातों का सामना कर रही दीपा के दर्द को बांटने और मदद करने के लिए डीसी यूनुस विभागीय अधिकारियों और जिला रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों के साथ उसके घर पहुंचे.

जिलाधीश ने मौके पर दीपा को महिला एवं बाल विकास विभाग की मदर टेरेसा मातृ संबल योजना और खाद्य आपूर्ति विभाग की योजना से लाभान्वित किया और जिला रैडक्रॉस सोसायटी की ओर से भी कंबल व अन्य आवश्यक सामग्री भेंट कर तत्काल राशन भी उपलब्ध करवाया.

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दीपा को मकान की व्यवस्था करवाने के लिए भी जिलाधीश ने मौके पर ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की गृह निर्माण अनुदान योजना और ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से शौचालय निर्माण के फार्म भरवाए.
वहीं, इस दौरान डीसी ने शारदा देवी नाम की महिला की भी मदद की. शारदा भी छोटी उम्र में पिछले साल अपने पति को खो चुकी है. डीसी यूनुस ने कहा कि दीपा और शारदा को सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भी अतिशीघ्र लाभान्वित किया जाएगा. डीली कुल्लू की इस पहल का दीपा और शारदा ने आभार व्यक्त किया.

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