• A
  • A
  • A
गेस्ट हाउस कांड को भुलाकर साइकिल के साथ चला हाथी

लखनऊ : आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने साझा प्रेस कांफ्रेस कर रहे है. जिसमे मायावती ने लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन का एलान किया है.

कांसेप्ट इमेज.


मायावती ने कहा कि देशहित के लिए गेस्टहाउस कांड को साइड पर रखते हुए आपस में चुनावी समझौता करने का फैसला उन्होंने किया. यह बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के विचारों वाली बसपा और लोहिया के आदर्शों पर चलने वाली सपा का साझा मंच है. नए साल में एक प्रकार से नई राजनीतिक क्रांति का साल है.
पढ़ें सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस आउट : मायावती
मायावती ने कहा कि आगमी चुनाव में बीजेपी को यूपी में आने नहीं देना है इसलिए यह गठबंधन किया गया है. उन्होंने कहा कि इसमें कांग्रेस को इसलिए नहीं शामिल किया गया है क्योंकि आजादी के बाद उसी ने एक सत्र राज किया है और उन्हीं के राज देश में गरीबी आई है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज वह हुआ, जिसकी शायद यूपी की राजनीति में किसी ने कल्पना की होगी. 23 साल से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे सपा और बसपा एक साथ एक मंच पर खड़े हुए. सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती 12:00 बजे गठबंधन को लेकर मंच साझा कर प्रेस कांफ्रेंस की. प्रेस कांफ्रेंस में शुरूआत करते हुए मायावती ने लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का एलान किया.
प्रेस कांफ्रेंस में शुरूआत करते हुए मायावती ने कहा कि यह पीएम मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली सपा-बसपा की प्रेस कांफ्रेंस हैं. मायावती ने सपा-बसपा गठबंधन को लेकर कहा कि 1993 में भी विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ था, लेकिन किन्ही गंभीर कारणों से यह गठबंधन नहीं चल पाया था.प्रेस कांफ्रेंस की शुरूआत में ही मायावती ने बीजेपी पर हमला बोला.

CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  कारोबार

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  गैलरी

  टूरिज़्म

  ASSEMBLY ELECTIONS 2018

  MAJOR CITIES