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फैक्ट्री बंद होने से कर्मचारी हुए बेरोजगार, सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

अल्मोड़ा: पातालदेवी में स्थापित ऑल्पस दवा फैक्ट्री के बंद होने के बाद कंपनी के कर्मचारी सड़कों पर आ गए हैं. पिछले 4 महीने से फैक्ट्री के बंद होने के बाद कर्मचारियों पर आर्थिक संकट गहरा गया है. वहीं फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने चौद्यानपाटा में धरना प्रदर्शन किया.

फैक्ट्री बंद होने से कर्मचारी हुए बेरोजगार.


बता दें कि ऑल्पस दवा फैक्ट्री को पातालदेवी में 1970 में स्थापित किया गया था. इस कंपनी के ऊपर गुजरात के गांधीनगर के देना बैंक का 26 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है. जिसके चलते कंपनी के मालिक 1 सितंबर 2018 से कंपनी को बंद कर दिया और फरार हो गया. जिससे यहां काम कर रहे 140 कर्चारी बेरोजगार हो गये.
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कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें काफी समय से वेतन नहीं मिला है. जिससे वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और उन्हें गुजर-बसर करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों ने सरकार से कंपनी को दोबारा संचालित करने की मांग की है. साथ ही धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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वहीं कंपनी के बंद होने पर स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बाहर से निवेशकों को बुला रही है. लेकिन पहले से स्थापित कम्पनियां बंद हो रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की अनदेखी की कारण आज ये कंपनी बंद पड़ी है, जिससे हजारों लोगों बेरोजगार हो गये हैं.



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