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रात भर पानी में भिगोकर रखी जाती है ये 80 किलो की फुटबाल, अनोखा है ये 'दड़ा' खेल

टोंक। जिले के आंवा गांव मे हर साल मकर सक्रांति पट 80 किलो की गेंद से खेला जाता है अद्दभुत खेल जो रोमांचक होने के साथ ही हजारों की भीड़ में सौहार्द के लिए भी जाना जाता है। जिसे कहा जाता है दडा, जिसमें खेलने वाले खिलाडियों की संख्या भी हजारों में होती है।

खेल के दौरान जमा भीड़।


आपको बता दें कि इस मैच में गोल गांव के दो दरवाजे हैं और इसे खेलने के जहां आस-पास के 12 गांवों के लोग आते है, वहीं देखने के लिये टोंक के बाहर से भी हजारों दर्शक आते है। टोंक जिले के आंवा गांव में हर साल मकर सक्रांति के पर्व पर एक अनोखे खेल होता है जिसमें एक गेंद होती है जिसको 15 दिन में तैयार किया जाता है। इस गेंद को बनाने के लिए कपड़े, मिट्टी और रस्सियों का उपयोग किया जाता है। इस गेंद का वजन 70 से 80 किलो तक होता है।


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आपको बता दें कि मैच शुरु होने से एक दिन पहले इस गेंद को पानी में भीगो के रखा जाता है जिससे इसका वजन और भी बढ़ जाता है। सबसे अच्छी और बड़ी बात ये है कि हिंदू मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग इस खेल में हिस्सा लेते हैं। काफी बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ के बीच में इस गेंद को फेंक दिया जाता है और शुरु हो जाता है खेल का रोमांच। इस खेल को देखने के लिए लोग जिले के बाहर से भी आते हैं।




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