• A
  • A
  • A
जानिए राजस्थान में विकास की रफ्तार को बढ़ाने के लिए और कितने IAS चाहिए...

जयपुर। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में किसी भई योजना चाहे वो केन्द्र की हो चाहे राज्य सरकार की उन्हें बनाने, लागू करने और अमलीजामा पहनाने की जिम्मेवारी आईएएस अफसरों की होती है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर साल सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करने के बावजूद सभी राज्यों में आईएएस अफसरों की कमी लगातार बनी हुई है।

डिजाइन इमेज।

हर राज्य को अपने नियमों, योजनाओं को आम जनता के बीच क्रियान्वित करने के लिए उर्जावान अफसरों की जरूरत पड़ती है। हालांकी राज्य स्तर पर पीएससी परीक्षाओं से निकलने वाले अधिकारियों को प्रशासनिक कार्य बांट दिए जाते हैं। लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वन के लिए आईएएस अफसरों की अभी राजस्थान मे कमी चल रही है।


पढ़ेंः मिशन नौकरीः फुल टाइम Job के साथ ऐसे करें बैंक PO की तैयारी

राजस्थान में अधिकृत आईएएस अफसरों की संख्या 313 है। जबकि मौजूदा समय में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के आंकडों के मुताबिक 70 आईएएस की कमी राजस्थान में चल रही है। राजस्थान में मौजूदा समय में 243 आईएएस काम कर रहे हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में राजस्थान प्रथम स्थान और जनसंख्या की दृष्टि से आठवें स्थान पर है। प्रदेश में कुल 33 जिले हैं। और हाल ही में पांच नए जिलों का गठन होने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल चुकी है।

पढ़ेंः IOCL में 101 पदों पर Vacancy, करें आवेदन

राजस्थान को अगर ये 70 आईएएस मिल जाते हैं तो केन्द्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का ढंग से क्रियान्वन हो सकेगा। जिससे प्रशासनिक सुधार में राजस्थान प्रदेश का स्तर सुधर सकेगा। आईएएस की कमी में राजस्थान राजस्थान आठवें नंबर पर है। उत्तरप्रदेश राज्य में सबसे ज्यादा 106 आईएएस की कमी चल रही है।

पूरे देश में अधिकृत आईएएस अधिकारियों की संख्या 6500 है लेकिन भारत में केवल 5004 आईएएस अफसर ही हैं। हर साल बासवान कमेटी के सुझावों के अनुरूप 180 आईएएस पदों की रिक्ति निकलती है जिससे इस कमी को पूरा करना कार्मिक विभाग, लोक प्रशासन और पैंशन मंत्रालय के लिए चुनौती भरा लक्ष्य है।



CLOSE COMMENT

ADD COMMENT

To read stories offline: Download Eenaduindia app.

SECTIONS:

  होम

  राज्य

  देश

  दुनिया

  क्राइम

  खेल

  मनोरंजन

  इंद्रधनुष

  सहेली

  गैलरी

  टूरिज़्म

  اردو خبریں

  ଓଡିଆ ନ୍ୟୁଜ

  ગુજરાતી ન્યૂઝ

  MAJOR CITIES